गरियाबंद – सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 2026 के तहत गरियाबंद जिले के विश्व प्रसिद्ध बाबा भूतेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान रामायण, सांस्कृतिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में देर शाम तक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। आयोजन में उपस्थित लोगों ने नए भारत के निर्माण के साथ अपनी संस्कृति और स्वाभिमान को सहेजकर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सोहन धु्रव ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास भारत की आस्था, संघर्ष और आत्मसम्मान की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और सनातन परंपरा ने हर कठिन समय में समाज को एकजुट रखने का कार्य किया है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय गरियाबंद की संयोजक बहन बिंदु वर्मा ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है। मुख्य अतिथि संत श्री रामानंद शरण महाराज ने कहा सोमनाथ का इतिहास केवल मंदिर का इतिहास नहीं, बल्कि भारत की अटूट आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत सीईओ श्री केएस नागेश, उपाध्यक्ष लेखराम साहु, पारागांव सचिव कीर्तन साहु, शत्रुघ्न साहु, अनुज ठाकुर सहित जनपद पंचायत की समस्त टीम उपस्थित रही। अध्यक्षता बाबा भूतेश्वर नाथ मरौदा के मुख्य पुजारी रामधार ध्रुव ने की।
