शबरी नदी फिर 1.25 मैट्रिक टन लाल जहर से होगी लाल

( सुकमा जिला मुख्यालय में आर्सेलर मित्तल का टेलिंग्स होगा डंप )

( किरंदुल से सुकमा तक दौड़ेंगी लाल जहर से भरी भारी वाहने )

किरंदुल – दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील के बेनिफिकेशन प्लांट से निकलने वाले लोह अयस्क के अपशिस्ट यानी टेलिंग्स को अब सुकमा जिला खनिज विभाग ने निजी उद्योगों के हितों को साधने के लिए सुकमा की पर्यावरण संरक्षण को भी दांव पर लगा दिया है ।उल्लेखनीय हैं कि सुकमा जिला मुख्यालय के भीतर की निजी भूमि पर जिला खनिज विभाग ने आर्सेलर मित्तल की लाल मिट्टी को डंप करने की अनुमति दे दी है ।हैरानी की बात यह है कि एनजीटी के कड़े नियमों को एक साइड रखते हुए नगर के बीचोबीच 1.25 लाख मेट्रिक टन मिट्टी के जहरीले जहर को गड्डों में भरने की तैयारी जोर शोर से की जा रही है । विदित हो कि सुकमा नगर से महज कुछ ही दूरी पर सुकमा जिले की प्राणदायिनी नदी शबरी बहती है । साथ ही साथ गौरतलब बात यह भी होगी कि किरंदुल से लेकर सुकमा तक आर्सेलर मित्तल कंपनी से निकलने वाली लाल जहर की मिट्टी को परिवहन करने वाली बड़ी बड़ी वाहनों के द्वारा ना जाने कितनी सड़को को बर्बाद किया जाएगा साथ ही गर्मी के दिनों में वाहनों के टायरों से उड़ने वाली धूल से बीमारी पड़ने वाले ना जाने कितने राहगीरों को अस्पताल में लाइन लगा कर डॉक्टरों का इंतजार करना होगा ।