सियासी नज़र — एनएमडीसी के सीएमडी से मिला पालिका का शीर्ष नेतृत्व – भूल गए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन मांगना

किरंदुल – देश में लौह अयस्क उत्पादन और प्रेषण की अव्वल दर्जे की नम्बर वन नवरत्न कंपनी एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक सीएमडी अमिताब मुखर्जी के एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना में आगमन के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिका में सुमार किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने पूर्व नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के साथ एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के गेस्ट हाउस में सौजन्य भेंट करते हुए नगर विकास के कई मुद्दों पर चर्चा की ।परंतु नगर की सबसे ज्वलंत समस्या ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन की बात करना शायद किरंदुल पालिका के महत्वपूर्ण और शीर्ष जनप्रतिनिधि भूल गए या समस्या को रखना मुनासिब नहीं समझा ।उल्लेखनीय हैं कि किरंदुल नगर के गौरवपथ पर किरंदुल के बस स्टैंड से लेकर प्रवेश द्वार कोडेनार तक बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन बिटीओ की बेतरतीब खड़ी ट्रकों से जहाँ आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो वहीं दूसरी तरफ दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती हैं । जिसकों लेकर कई दफे स्थानीय जनता की समस्या को देखते हुए प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी पत्रकारों ने इस जवलंत समस्या को प्रमुखता दी थी । कई बार पूर्व के पालिका के शीर्ष नेताओं ने और वर्तमान पालिका के शीर्ष जनप्रतिनिधियों से सिर्फ किरंदुल नगर को सिर्फ आश्वासन ही मिला है कि जल्द ही जमीन का फाइनल कर ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा । परंतु आश्चर्य का विषय है कि जब आज तक सरकारी जमीन और रेलवे के साथ साथ वनविभाग की जमीन नहीं मिल रही है तो कम से कम किरंदुल पालिका के शीर्ष जनप्रतिनिधियों को एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक सीएमडी से अन्य विकास की मांगों के साथ साथ किरंदुल की सबसे बड़ी और जवलंत समस्या ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन की मांग तो करनी चाहिए थी ।सियासी नजरिए के हिसाब से सीएमडी के साथ पालिका के शीर्ष जनप्रतिनिधियों की मुलाकात ने नगर के सियासी तापमान को और बड़ा दिया है ।