बचेली — संयुक्त खदान मजदुर संघ एटक भवन प्रांगण बचेली में हर वर्ष की भांति ही इस वर्ष भी 23 मार्च 1931 को शहीदे आजम कामरेड़ भगतसिंह , कामरेड़ राजगुरु ,कामरेड़ , सुखदेव जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया। इन अमर क्रांतिकारी वीर सपुतों के याद में संयुक्त खदान मजदुर संघ के साथियों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथियों अखिल भारतीय महिला फेडरेशन शाखा बचेली के साथियों ठेका श्रमिक के साथियों के द्वारा बुलंद नारों के बीच अमर शहीदों को नमन कर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया गया। एसकेएमएस के शाखा सचिव कामरेड़ जागेश्वर प्रसाद के द्वारा संक्षिप्त में कामरेड़ भगत सिंह के जीवनी व संघर्ष पर कहा कि वे निडर और विचारशिल क्रांतिकारी थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकुमत अन्याय के खिलाफ भारत की आजादी के लिए आवाज उठाई और युवाओं को देशभक्ति का संदेश दिया। इंकलाब ज़िंदाबाद उनका प्रिय नारा रहा है। भाकपा पार्टी सचिव कामरेड़ बहिलोचन श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं चुप रहना भी गलत का साथ देना होता है। एकता और साहस से मिलकर ही बड़ी लडाईयां जीती जाती है। शहिदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकि निशा होगा। कार्यक्रम में एसकेएमएस सचिव कामरेड़ जागेश्वर प्रसाद ,अध्यक्ष कामरेड़ रवि मिश्रा , कार्यकारणी अध्यक्ष कामरेड़ रामू राम , कोषाध्यक्ष कामरेड़ एम आर बारसा ,भाकपा पार्टी सचिव कामरेड़ बहिलोचन श्रीवास्तव,संगठन सचिव कामरेड़ रमेश सेठिया, कामरेड़ लीला राव झाड़ी , आफिस सचिव कामरेड़ संतोष टंडन ,महिला फेडरेशन संरक्षक कामरेड़ ग्रेसी बार,पुर्व पार्षद कामरेड़ अर्चना शिव उईके,महिला संगठन राज्य परिषद सदस्य कामरेड़ नुरपति बघेल, महिला फेडरेशन उपाध्यक्ष कामरेड़ आसमती टांगराज,कामरेड़ जितेन्द्र राय, कामरेड़ गणेश बाघ,कामरेड़ करण सिंग,कामरेड़ शुरेश पोंडी,कामरेड सचिन शर्मा, कामरेड़ शुनिल,कामरेड़ जयचन्द,कामरेड़ शेगर टांगराज,एवं एसकेएमएस युनियन के साथी सीपीआई पार्टी के साथी बड़ी संख्या में महिला फेडरेशन के साथी उपस्थित रहे।
