सियासी नज़र -किरंदुल पालिका में अस्थायी दखल शुल्क की नीलामी रद्द – भाजपाइयों के दवाब में टेंडर निरस्त – विपक्ष की खामोशी चर्चा में 

किरंदुल – नगर पालिका परिषद किरंदुल में अस्थायी वसूली ठेका नीलामी को अचानक निरस्त किए जाने के बाद अब नगर की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं। जारी सूचना में नीलामी रद्द करने की बात तो कही गई है, लेकिन इसके पीछे के कारण स्पष्ट नहीं किए गए, जिससे पारदर्शिता को लेकर नगरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा अस्थायी वसूली ठेका के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई थी और 18 मार्च 2026 को दोपहर 4 बजे तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लेकिन ऐन वक्त पर जारी आदेश में पूरी नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। इस फैसले के बाद नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों और संभावित ठेकेदारों का कहना है कि जब पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी तो अचानक इसे रद्द करना कई शंकाओं को जन्म देता है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका में निर्णय बिना स्पष्ट कारण बताए लिए जा रहे हैं, जिससे प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगरवासियों का यह भी कहना है कि यदि किसी कारण से नीलामी निरस्त करनी थी तो उसके पीछे की वजह सार्वजनिक की जानी चाहिए थी, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर अध्यक्ष और सीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठते दिखाई दे रहे हैं और लोग स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।किरंदुल में पड़ रही गुलाबी ठंडक के बीच राजनेतिक चर्चा के अनुसार अगर इस टेंडर को भाजपा नेताओं के समर्थन में निरस्त किया जाता हैं तो किरंदुल पालिका परिषद में विपक्षी पार्षदों की भूमिका निभा रहे कांग्रेस और सीपीआई के पार्षदों की मौन खामोशी के इंतजार में नगर के जनप्रतिनिधियों की नजरें टिकी हुई है ।