कलेक्टर ने उद्यान विज्ञान एवं मत्स्य विभाग की मान्यता के लिए आवेदन किया

कोंडागांव –  डॉ. नुपूर राशी पाना ने शुक्रवार को ग्राम जरेबेन्दरी में उद्यानिकी विभाग की मंजूरी से फैजाबाद किसान  लुमन भंडारी द्वारा समन्वित कृषि उद्यमों का अनुमोदन किया। श्री भंडारी को राज्य स्तरीय योजनान्तर्गत घटक रचनात्मक उद्यानिकी विकास योजना के विभिन्न पैमाने जैसे फेंसिंग, इलेक्ट्रिक प्लांट सह पंप रिप्लेसमेंट, फलोदय एवं वैज्ञानिक कार्यक्रम के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। किसानों द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत सूर्य की खेती के साथ-साथ बत्तख पालन, पालन, टर्की पालन एवं स्लोगन पालन का कार्य भी किया जा रहा है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा ने बताया कि डॉक्टर ने अपनी नौकरी की तलाश शुरू कर दी है।

इसके रजिस्ट्रार ने ग्राम बड़ेबेंदरी के अंतर्गत कोंडागांव विकासखंड के किसान भरत राम द्वारा संकर बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत जा रही लोकी एवं बैंगन बीमारी का निरीक्षण किया। किसान द्वारा बताया गया कि इस कार्य से प्रति दिन लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। इस कार्य के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत निजी क्षेत्र के माध्यम से संकर बीज उत्पादन के लिए 63 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। कलेक्टर ने अन्य सैनिकों को भी इस कार्य को अपना लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

मछलीपालक कृषक किला देवांगन के कार्य को भी देखा

कलेक्टर ने ग्राम जरेबेन्दरी के प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थी किसान  हित देवांगन के रोजगार का भी अवलोकन किया। श्रीआंग देवन ने योजना का लाभ लेकर मछली पालन क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अपनी 1.40 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 15.40 लाख रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया, जिसमें उन्हें शासन की ओर से 6.16 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। तालाब निर्माण के बाद उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए मछली पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन का कार्य शुरू किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अविनाश भोई, उद्यान अधिकारी  लोक लोकपाल, मत्स्य विभाग के अधिकारी  योग देवांगन, कृषि विभाग के अधिकारी  कैलाश मरकाम सहित अन्य जिले के अधिकारी उपस्थित रहे।