रुद्रेश्वर मंदिर का समग्र विकास, 20 करोड़ की लागत से विकसित होगा धार्मिक-पर्यटन केंद्र ग्रीन, बोटिंग और आधुनिक हरियाली के आकर्षण

धमतरी – जिले के प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र रुद्रेश्वर मंदिर के धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थलों के रूप में विकास की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सबसे पहले काम शुरू किया गया है। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने देर शाम मंदिर परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास उद्यमों के निवेशकों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डेमोक्रेट ने मंदिर तक पहुंच के लिए बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, कला मंच और अन्य घटकों के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर ग्रीन विलेज विकसित करने का निर्देश दिया गया है। यह झील नहर के किनारे निर्मित है, जहां फूलों के पेड़, हरित पट्टियां, आकर्षक सड़क डिजाइन और पैदल यात्रियों के लिए पाथ-वे का निर्माण किया गया है, जिससे गहराई और दृश्य को प्राकृतिक और सौंदर्यपूर्ण वातावरण का अनुभव मिल सके।

परियोजना के तहत मंदिर परिसर में एक भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक और सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए दो धार्मिक आश्रमों का निर्माण किया जाएगा। परिसर की प्राकृतिक संरचना को बढ़ाने के लिए महानदी तट पर लगभग 15 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है, जो इस स्थल की एक विशिष्ट पहचान बनेगी।

विश्व के आकर्षणों के लिए बोटिंग सुविधा विकसित करने की भी योजना है। इसके साथ ही घाटों का सौंदर्यीकरण, बैठने की व्यवस्था, हरित विकास और आकर्षण प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का ट्राई-डीओ (3-डी) मॉडल भी तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत तीन वास्तुशिल्प भवन, भोजन कक्ष, भोजनशाला, सभागार, उद्यान, स्वागत द्वार और अन्य यात्री सुविधाओं का सुव्यवस्थित विकास किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 20 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रुद्रेश्वर घाट और मंदिर के विकास कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुविधाएं मिलें और जिले में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिले। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक संकट में भी वृद्धि होगी।

इस अवसर पर नामांकित धमतरी  पीयूष तिवारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन कलाकार  चहल सहित अन्य डिविजन अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।