कलेक्टर श्री बीएस उइके ने जिले के आश्रम, छात्रावास अधीक्षकों की ली समीक्षा बैठक

विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं पर दिया जोर.

गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में छात्रावास, आश्रम अधीक्षकों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  लोकेश्वर पटेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि आश्रम, छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को विशेष रूप से प्राथमिकता दे। उन्होंने वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं तथा आगामी वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। छात्रावास में नियमित अध्ययन का माहौल बने, रात्रि अध्ययन के लिए पर्याप्त रोशनी और शांत वातावरण उपलब्ध हो, ताकि विद्यार्थी बिना किसी बाधा के तैयारी कर सकें।

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को भोजन समय पर और निर्धारित मेनू के अनुसार दिया जाए। भोजन पौष्टिक हो, इसकी गुणवत्ता की नियमित रूप से ध्यान रखें। रसोईघर और भोजनालय की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। किसी विद्यार्थी के बीमार पड़ने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार की व्यवस्था कराये। छात्रावास में प्राथमिक उपचार सामग्री रखे, ताकि छोटी-मोटी समस्या का निवारण तुरंत किया जा सके। छात्रावास की साफ-सफाई और स्वच्छता को बनाए रखें, किसी भी प्रकार की गंदगी न हो। उन्होंने कहा कि छात्रावास एवं आश्रम परिसर, कमरे, शौचालय और स्नानागार की प्रतिदिन सफाई की जाए। पेयजल की स्वच्छता और उपलब्धता की भी नियमित जांच हो। सुरक्षा व्यवस्था पर कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास परिसर सुरक्षित रहे। रात्रि में अनावश्यक आवागमन को रोका जाए और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्ती से निगरानी रखी जाए।

कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री जैसे पुस्तकें, कॉपियाँ और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शिक्षा दिया जाए। विद्यार्थियों की उपस्थिति का दैनिक रजिस्टर संधारित किया जाए और छात्रावास में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने आश्रम, छात्रावास में अधीक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए कहा कि अधीक्षक छात्रावास परिसर में ही निवास करें। बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थिति न रहे। छात्रावास की आधारभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, पंखे, फर्नीचर, बिस्तर और शौचालय की स्थिति की नियमित समीक्षा कर किसी भी खराबी की सूचना तुरंत उच्च कार्यालय को देकर मरम्मत कराई जाए।

छात्रावास में स्टॉक रजिस्टर, भोजन रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर, कैश बुक सहित सभी दस्तावेज अद्यतन रखें। उन्होंने विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद अप्रैल माह में विद्यार्थी की छात्रावृत्ति प्रदान करें।

छात्रावास और आश्रमों के निरीक्षण के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक उपस्थित रहकर अधिकारियों को सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं कलेक्टर ने कहा कि कि किसी भी गंभीर समस्या या घटना की सूचना तत्काल आदिवासी विकास कार्यालय को दी जाए और सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान बैठक में छात्रावास संचालन को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी दिए गए।