*_मेरी पहेली_*

(1)
तीन अक्षर का मेरा नाम।
जल सतह मेरा विश्राम।।
कीचड़ का सहारा हूं।
बीजेपी का प्यारा हूं ।।

(2)
रात में जलती हूं ।
तार में चलती हूं ।।
मशीन चलाती हूं।
जाने पर गाली खाती हूं।।

(3)
हिल- हिल कपड़े धोती हूं ।
कुछ मिनट में रोती हूं ।।
न इंसान हूं न शैतान हूं।
मां बहनों की शान हूं।।

(4)
नित्य सड़क पर चलती हूं ।
न लकड़ी हूं न लोहा हूं ।
न खाता न पीता हूं ।
हवा पर जीता हूं।।

(5)
कीमती पोशाक पहनाते हैं ।
छप्पन भोग लगाते हैं।
रात में सुलाते हैं ।
प्रातः काल जगाते हैं।।

(6)
मढ़ा चाम की झोपड़ी।
नस नाड़ी की खोपड़ी।।
खून पसीना टट्टी इनमें।
रहना सबको भाता इनमें।।
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उत्तर- 1.कमल  2. बिजली  3. वाशिंग मशीन  4. टायर      5. मूर्ति  6. शरीर

पहेलीकार
दिनेंद्र दास
कबीर आश्रम करहीभदर,
अध्यक्ष मधुर साहित्य परिषद् बालोद, तहसील इकाई बालोद,जिला- बालोद (छत्तीसगढ़)
मो. 8564886665