धमतरी – धमतरी जिले के ग्राम बगौद के प्रगतिशील किसान श्री साहिल बाई आधुनिक एवं कृषि की दिशा में एक अभिनव उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने अपने खेत में एंटरप्राइज़ उद्यम से आगे बढ़ते हुए ड्रैगन फ्रूट (ड्रैगन फ्रूट) की खेती की है। वर्तमान श्री बैस ने लगभग दो नॉकर क्षेत्र में ड्रेगन आर्किटेक्ट का स्वामित्व किया है, जो जिले में नवोन्वेषी बागवानी का उदाहरण है। साहिल बैस ने बताया कि ड्रेगन बुक की खेती उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से शुरू की। शुरूआती वर्ष में संरचना निर्माण, निवेश पर निवेश अधिक होने के कारण पिछले वर्ष “नो प्रोफिट-नो लॉस” की स्थिति रही, आद्योपांत के संग्रहालय होने के साथ ही आने वाले वर्षों में अच्छा दावा मिलने की पूरी संभावना है।
ड्रेगन का एक कम पानी में उगने वाली फ़सल है। श्री बैस ने खेत में ड्रिप सींच प्रणाली अपनाई है, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ सिद्धांतों की आवश्यकता होती है। यह लाभदायक जल संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। सामान्यतः 7-10 दिन में ढलान वाली ढलान होती है, जिससे समुद्र तट की लागत कम होती है। यह कैक्टस परिवार का पौधा है
ड्रेगन ऑर्किड की खेती में अच्छी जल बिकवाली वाली राइटीली-डोमेट मदरसा की खेती की जाती है। यह फल उष्ण एवं अर्ध-शुष्क कृषि में अच्छी तरह से पठती है। लगभग 12 से 18 महीने के बाद कंपनी में फल आना शुरू हो जाता है, जबकि 3-4 साल में पूरी उत्पादन क्षमता प्राप्त हो जाती है। एक मानक से औसत 3 से 5 रिजॉर्ट फल प्राप्त किया जा सकता है।
बाजार की बात करें तो ड्रैगन लाइक की शहरी एवं स्वास्थ्य-चेतना कंपनी में तेजी से मांग बढ़ रही है। यह फल पोषक तत्व, कारण एवं एंटीऑक्सीडेंट से अधिक कीमत पर बिकता है। वर्तमान में स्थानीय उद्यमियों के साथ-साथ थोक थोक विक्रेताओं से भी अच्छे बांध मिलने की संभावना बनी हुई है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है। रख-रखाव की दृष्टि से यह घातक अल्प रोग-कीट प्रभावित होता है। समय-समय पर चिंता, सहारा व्यवस्था (पिलर सिस्टम) एवं जैविक खाद के उपयोग से उत्पादन को बेहतर एवं बेहतर बनाया जा सकता है।
डेजर्ट डेजिरेटर श्री अबिनाश मिश्रा ने ड्रेगन बुक की खेती का आकलन किया। किसान साहिल का उत्साहवर्धन।
श्री साहिल बैस की इस जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह सिद्ध होता है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, कम पानी वाली फसलें एवं बाजार की मांग पर ध्यान देकर खेती करें, तो कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। ड्रेगन लाइक जैसे उन्नत बागवानी, भविष्य में किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है।
