समय पर भुगतान और बोनस से किसान के जीवन में खुशहाली।

धमतरी – धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद के श्रमिक किसान  रामकुमार सिन्हा आज शासन की कृषि हितैषी सीटों से जिप की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वे लगभग 15 भूमि पर पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते हैं। खेती ही उनकी परिवार की उपज का मुख्य साधन है। वर्षों की मेहनत और अनुभव के साथ खेती को साहस के रूप में जाना जाता है।वर्तमान विपणन वर्ष में श्री सिन्हा ने अब तक 22 व्यावसायिक धान की बिक्री समर्थन मूल्य पर की है। शेष धान के लिए उन्होंने समय पर टोकन भी कटवा लिया। उन्होंने बताया कि “टोकन तुंहर” ऐप के माध्यम से टोकन कटवाने की प्रक्रिया सरल, लचीलापन और समय की बचत करने वाली है। पहले जहां गैजेट के चक्कर वाले प्रोजेक्टर थे, अब मोबाइल से ही काम हो जाता है।किसान श्री सिन्हा ने बताया कि शासन द्वारा धान की सीमा (सीमा) बढ़ाए जाने से छोटे और मध्यम किसानों को विशेष राहत मिली है। इससे किसानों को अपनी पूरी तरह से सब्जियाँ बेचने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने इस फैसले पर पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य शासन का गौरव पुरस्कार है।

समर्थन मूल्य के साथ बैठक वाले से किसान परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। खेती से प्राप्त आय से घर का खर्चा रूप से चल रहा है। बच्चों की अच्छी शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। परिवार के स्वास्थ्य एसोसिएटेड एसोसिएट को भी समय पर पूरा किया जा रहा है। खेती अब केवल गुजराते का साधन नहीं है, बल्कि खेती जीवन का आधार बन गई है।

किसान श्री सिन्‍हा का कहना है कि शासन की मंजूरी ने किसानों को एकजुट कर दिया है। समय पर भुगतान, डिजिटल व्यवस्था और प्रतिष्ठानों से किसानों में उत्साह है। वे अन्य किसानों को भी शासन की मंजूरी का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं।

किसान श्री रामकुमार सिन्हा का कहना है कि किसानों के लिए सही आर्किटेक्चर, तकनीक और समर्थन बैठक का आयोजन किया जाता है। यह दस्तावेज़ीकरण की सफलता और किसान समृद्धि का एक अनूठा उदाहरण है।