धमतरी जिले में धान की खुशियाँ भरा मौसम।

किसानों के लिए उपार्जन केंद्र से किसानों तक की किसान यात्रा ।

धमतरी – इस बार धमतरी जिले के उपार्जन केंद्र किसी उत्सव स्थल से कम नहीं दिख रहे। सुबह-सुबह जैसे ही धान से भरी गाड़ियाँ, वाद्ययंत्रों की ओर से धुँधली होती हैं, हवा में मिट्टी की सौंधी महक और किसानों के आँचल पर आभास- विश्वास- भाई-भतीजावादक एक अलग ही मोहक राच देते हैं। 15 नवंबर से शुरू हुई धाना जिले ने जिले में मानो ला दी है। सुव्यवस्थित प्रबंधन, ऑफ़लाइन टोकन की सुविधा और समर्थित मूल्य पर खरीद ने किसानों को राहत के साथ नई ऊर्जा दी है।इस सीजन की खास बात यह है कि 3100 रुपये के तहत प्रति किसान क्रांतिकारी योजना के तहत किसानों की खुशी की योजना बनाई गई है। सिद्धांत में सालभर की मेहनत जब दाम में कमजोर है, तो किसान का मन भी सफल हो जाता है। कुछ यही अनुभव ग्राम अछोटा के किसान श्री लेखराम देवांगन का भी हो रहा है। आज जब वे 80.40 यूक्रेनी धान लेकर मध्य प्रदेश पहुंचे तो वहां से संतोष साफ झलक रहा था।

लेख में लिखा है कि किसानी जीवन आसान नहीं है, जब व्यवस्था साथ दे तो रहना आसान हो जाता है। पिछले वर्ष धान की बिक्री से मिली राशि और कुछ जमापूजी से उन्होंने नई खरीदारी की। अब न केवल खेती में तेजी आई, बल्कि कृषि संबंधी ऋण भी उसी वर्ष चुकाया गया। बोरवेल के बयान में कहा गया है कि सहकारी समिति से खाद-बीज समय पर मिलने से उन्हें खेती पर पूरा ध्यान देने का अवसर मिलता है।सरकार की समितियों से मिले इस साक्षात् वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति शेयर भी मांग रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस बार पूरी तैयारी के साथ समसामयिक प्रक्रिया को इतना आसान बना दिया है कि किसान बिना किसी समस्या के अपने धान की बिक्री कर पा रहे हैं।इस साल उपार्जन शुल्क में कुछ नई तस्वीरें देखने को मिल रही हैं-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के लिए साटिक उपकरण, उपकरण बारदाना, प्रिया की व्यवस्था, किसानों के लिए निवेश, और बायोमैट्रिक उपकरण जैसी सुविधाएं। ‘टोकन तुम्हारे हाथ’ मोबाइल ऐप ने भी किसानों को लाइन में खड़ा रहने की चिंता से मुक्त कर दिया है।जिले के सभी व्यवसायियों में मोटा, पतला और सरना श्रमिकों के धान की अवशेष रूप से चालू है। दर सूची में यह भी दर्शाया गया है कि हर किसान को पूरी जमीन के साथ जानकारी मिल सके।धान के दानों से अंतिम ऋण-देन नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीदें, मेहनत और खुशी से साजी एक मित्र-सी कहानी बन गई है।