25वीं राज्य शैक्षिक शैलेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन हुआ।

कांकेर – नरहरदेव माध्यमिक विद्यालय कांकेर में आज 25वीं राज्य शैक्षिक शैलेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन हुआ। इस राज्य में 280 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कांकेर नेता श्री आशाराम नेता और विशेष अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मतियारा और पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा मार्कोले विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में नेता  आशाराम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी आपके दैनिक जीवन का हिस्सा है और आगे बढ़ता है। आपने इस प्रतियोगिता के माध्यम से जो बनाया है, उसे आगे भी बनाए रखें। प्रतियोगिता में जो विजेता बनते हैं वे शुभकामनाएं देते हैं और जो विजयी नहीं होते हैं वे निराश नहीं होते हैं, क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढ़ी होती है और निर्देश और लग्न से आगे सफलता होती है।छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा ने कहा कि खेल से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास होता है, आपने इस क्रीड़ा प्रतियोगिता में खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सभी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं। पूर्व सहयोगी श्रीमती सुमित्रा मार्कोले और श्री महेश जैन ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और खेल को दैनिक जीवन में बताया। कार्यक्रम में सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी राकेश निषाद ने सभी श्री खिलाड़ियों, खिलाड़ियों और प्रतिभागियों की भागीदारी की।25वीं राज्य प्रसिद्ध शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के परिणाम – क्रिकेट गेम्स 17 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान – सरगुजा जोन, द्वितीय – बिलासपुर जोन और तृतीय – दुर्ग जोन रहा। इसी प्रकार के हैंडबॉल मॉडल 17 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – स्टोइक जोन, द्वितीय – रायपुर जोन और तृतीय – सरगुजा जोन। खो-खो बालक 19 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – दुर्ग जोन, द्वितीय – नवजात जोन एवं तृतीय – बिलासपुर जोन और खो-खो बालक 19 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम – दुर्ग जोन, द्वितीय – दुर्ग जोन एवं तृतीय – बिलासपुर जोन रहा। विदेशी जोन को ओवरऑल चैंपियन का खिताब मिला।समापन समारोह कार्यक्रम में जापान इंटरनेशनल स्कूल एवं कन्या आश्रम सिंगारभाट द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। अन्यत्र स्व. रामकुमार कन्या आवासीय विद्यालय कांकेर और शिष्ट कन्या आश्रम सिंगारभट्ट के मदर ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम इंजीनियर्स दी। इस अवसर पर तकनीशियन, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षक, सभी पांच जोन के प्रभारी अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी और नामांकित नागरिक उपस्थित रहे।