रायपुर – दीपावली पर्व के तीसरे दिन यम द्वितीया के पावन पर्व पर कायस्थ परिवारों यानी भगवान चित्रगुप्त महाराज के वंशजों कायस्थ परिवार जिनको चित्रांश के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने भाईदूज के दिन महाराज चित्रगुप्त जी की पूजा अर्चना बड़े ही धूमधाम से की । मान्यता के अनुसार चित्रगुप्त महाराज को जीवों के कर्मो का लेखा जोखा रखने वाला देवता माना जाता है ।यह पूजा पापों से मुक्ति पाने ,अच्छे कर्मों की प्रेरणा लेने ,लेखन और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में उन्नति के लिए की जाती है ।इस दिन कलम ,दवात और बही खातों की विशेष रूप से पूजा की जाती है ।ताकि बुद्धि, ज्ञान, और लेखन में बढ़ोतरी हो सके । मान्यता के अनुसार भगवान चित्रगुप्त सभी जीवों के अच्छे और बुरे कर्मो का हिसाब रखते हैं और मृत्यु के बाद उनके कर्मों के आधार पर ही निर्णय लेते हैं ।इसलिए उनकी पूजा से कर्मो की समीक्षा और सुधार का अवसर मिलता है । इस पूजन के दौरान सबसे पहले एक कोरे कागज पर श्री गणेशाय नमः और ॐ चित्रगुप्ताय नमः लिखा जाता है ।इसके बाद आटा और हल्की के अयपन में रोली मिलाकर श्री चित्रगुप्त महाराज की फ़ोटो बनाई जाती है ।
