मोर गांव, मोर पानी महाअभियान : जिले में जल संरक्षण एवं संरक्षण क्षेत्र में नवीन पहल।

जल संकट से निबटने के लिए मनाए जा रहे कार्य में जुटे मजदूरों के बीच जल संकट से हो रहे सार्थक प्रयास।

कांकेर – जिले में जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर के अभाव में जिले में प्रशासन द्वारा नवाचार पहल की जा रही है। ”मोर विलेज, मोर पानी” अभियान के तहत मनरेगा के माध्यम से कई गांव का निर्माण किया जा रहा है। यह अभियान साइकल कैसल एवं जनभागीदारी पर आधारित है, जिसमें जल संरक्षण एवं अन्य से संबंधित कार्य एवं स्व-कार्यवाहक महिलाओं की सक्रिय कांच एवं जनभागीदारी सहायता के साथ ग्राम पंचायत संसाधन मानचित्र की सहायता से ट्रांजिट वॉक (ग्राम पंचायत भ्रमण) कार्य योजना तैयार की जा रही है।जिला पंचायत के सीईओ  हरेश मंडावी ने बताया कि जीएमएस आधारित युक्तधारा पोर्टल में कार्य योजना तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। रिज टू वैली सिद्धांत के आधार पर मंजूरी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आतिथ्य में जल संरक्षण एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वहीं पंचायत सचिवालय सचिवालय के दिवारों पर जल संरक्षण से संबंधित नारा एवं स्लोगन अंकित ताले जा रहे हैं। यह भी बताया गया है कि अब तक 10704 श्रमिक कार्य योजना तैयार करने के लिए युक्तियुक्त धारा पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है, जो कि लिंक क्रिएटिव फाइनेंशियल ईयर में शामिल होंगे। मोर विलेज, मोर पानी अभियान के तहत 1915 जल संरक्षण उद्यम की शुरूआत की गई। इस प्रकार जिले में प्राकृतिक संसाधनों के अंतर्गत प्रबंधन एवं आजीविका के लिए विभिन्न संस्थागत परिसंपत्तियों का भी निर्माण किया गया है। इन क्वांटम से जल संरक्षण और भू-जल स्तर की वृद्धि में मदद मिली है।

प्रमुख बिंदु –

*मोर गांव मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत प्रमुख निर्मित संरचनाएं -*

* अमृत तालाब कृषि तालाब

*परकोलेशन टैंक निजी डबरी

* चेक बांध कंटूर ट्रेंच

* गेबियन रिचार्ज पिट

* लूज बोल्डर स्ट्रावर कुंए

*उपलब्धियाँ-*

वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जल संरक्षण से संबंधित कुल 5868 कार्य पूर्ण।

*जनभागीदारी आधारित योजना*

“मोर गांव मोर पानी अभियान” अतंर्गत जल संरक्षण एवं जल सर्वेक्षण से संबंधित कार्य पूर्वावलोकन एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं की जनभागीदारी एवं सहायता के साथ ग्राम पंचायत संसाधन मानचित्र की सहायता से ट्रांजिट वॉक (ग्राम पंचायत भ्रमण) की शोभा

*तकनीकी उपयोग*

कार्य योजना बनाने में जीआईएस आधारित धारा पोर्टल का उपयोग

‘रिज टू वैली’ सिद्धांत का आधार पर निर्माण

*जनजागरूकता*

नवीनतम में जल संरक्षण एवं जागरूकता संवर्धन प्रचार-प्रसार। पंचायत, पंचायत, सचिवालय की दीवारों पर जल संरक्षण से संबंधित नारा एवं स्लोगन लेखन कार्य

कार्य योजना

धारा पोर्टल पर 10704 कार्य की रद्दी तैयार, आगामी वित्तीय वर्ष में।

*नवीन कार्यशैली*

1915 जल संरक्षण कार्य के तहत “मोर गांव मोर पानी’ अभियान।