सरगुजा ब्रेकिंग: जशपुर अन्नदाताओं का फुटा, गुस्सा। तहसीलदार के सख्त रवैया से आक्रोशित किसानों ने फेकी सब्जियां। हंगामा…

संभाग प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद।

सरगुजा/जशपुर – सारे छत्तीसगढ़ के लिए यह सनसनीखेज समाचार है कि लंबी अवधि की तालाबंदी व प्रशासनिक अमला की निष्क्रयता से जशपुर किसानों का गुस्सा फूटने लगा है जहां धारा 144 प्रभावित है और लॉक डाउन का पालन बखूबी निभाया जा रहा है वहीं जशपुर के तानाशाह हिटलर बगीचा तहसीलदार के सख्त रवैया के खिलाफ ग्रामीण अन्नदाताओं का आक्रोश बगीचा तहसीलदार के बंगला घर में बिखरी सब्जियां बता रही हैं। जिसका विरोध पुरजोर तरीके से स्थानीय अन्नदाता व जनप्रतिनिधि करते नजर आ रहे हैं। वहीं इस तरह की घटना आम हो चली है। जहां प्रशासनिक अमला के कदाचरण का विरोध हर वक़्त स्थानीय लोगों के द्वारा किया जाता है। ऐसा ही एक उदाहरण जशपुर जिले के बगीचा तहसील का है जहां अपनी मेहनत की कमाई खा रहे अन्नदाताओं का आक्रोश देखने को मिल रहा है पूरा मामला जिले के बगीचा तहसील में बीती रात करेला व खीरा से लदे एक पिकअप वाहन अन्नदाता का है जहां बीती रात एक अन्नदाता के सब्जियों से भरे पिकप वाहन को रोककर 3 घंटे खड़े करने के बाद क्षेत्र के किसान आक्रोशित हो गए हैं। सुबह तहसीलदार के घर के सामने कुछ किसानों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सब्जियों को उनके घर के सामने ही गिरा दिया। किसानों के इस विरोध का समर्थन कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी किया है। वहीं अन्नदाताकिसानों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के सख्त रवैये के कारण अब कोई महाजन सब्जी लेने के लिए अपनी गाड़ी नहीं भेज रहा। ऐसे में वे अपनी सब्जियों को कहां ले जाएं।

कल रात को सब्जी से लदे पिकअप वाहन को रोककर खड़ा कर दिया गया और 3 घंटे बाद कहा गया कि चले जाओ ऐसे में 3 घंटे के अंतराल के कारण सुबह की मंडी फेल हो गई और गाड़ी पूरी रात तहसीलदार के घर के सामने खड़ी रही। मामला बगीचा का है जहां बीती रात 8 बजे के आसपास एक पिकअप टटकेला से खीरा व करेला लोड कर जशपुर के रास्ते धनबाद की ओर जा रही थी। शरबकोम्बो के पास वह पिकअप खराब हो गई। जिसके बाद दूसरे पिकअप में सब्जियों को शिफ्ट किया जा रहा था। पिकअप वाहन CG14MP 0793 में सब्जियां लद चुकी थीं चालक गोविंदा यादव ने बताया कि इस दौरान बगीचा तहसीलदार मौके पर पंहुचे और सब्जियों का बिल मांगने लगे तो चालक ने कहा कि किसानों का माल है साहब इसका बिल नहीं है।सब्जियों को मंडी लेकर जा रहे हैं।तब तहसीलदार ने गाड़ी को थाना में खड़े करने की बात कही।चालक को थाने की जानकारी नहीं थी तो उसने तहसीलदार के गाड़ी के पीछे अपनी सब्जी से लदी गाड़ी लगा दी और तहसीलदार के घर के सामने गाड़ी खड़े कर दी।

इस दौरान चालक द्वारा कई बार कहा गया कि कच्चा माल है साहब मंडी पकड़ना है। अगर सुबह तक नहीं पंहुचे तो सारी सब्जियां खराब हो जाएंगी। इस मान मनौवल में लगभग 3 घंटे बीत गए और मंडी का समय भी छूट गया। किसानों के हंगामे से डर के रात 11 बजे तहसीलदार ने उन्हें कहा कि चले जाओ।
चूंकि मंडी का समय खत्म हो चुका था इसलिए गाड़ी रातभर तहसीलदार बंगले के सामने ही खड़ी रही। सुबह जब किसानों को पता चला कि उनका माल मंडी नहीं पंहुचा है तो लगभग 8-10 स्थानीय किसान तहसीलदार के घर पंहुच गए जहां सब्जी गाड़ी खड़ी देख वे आक्रोशित हो गए।

आपको बता दें कि बगीचा क्षेत्र से 15 से 20 टन खीरे व करेले का प्रतिदिन उत्पादन होता है।यहां की सब्जियां उड़ीसा, कलकत्ता,यूपी,बिहार और झारखंड तक जाती हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के सख्त रवैये ने किसानों का हौसला पस्त कर दिया है और अब कोई व्यापारी भी अपनी गाड़ी भेजने से डर रहे हैं। किसानों की मांग है कि सब्जियों की गाड़ियों को न रोका जाए ताकि इस कोरोना काल मे उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।

“जब मामले में तहसीलदार टीडी मरकाम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सब्जियों की किसी गाड़ी को नहीं रोका गया है।”

जिला कलेक्टर महादेव कावरे ने बताया कि फल व सब्जियों से लदी गाड़ियों के लिए स्पष्ट निर्देश हैं कि उन्हें अनावश्यक न रोका जाए। फल व सब्जियों के परिवहन की अनुमति है।