ई-मार्केटिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

स्थानीय प्रोटोटाइप डिजिटल माध्यम से भी कर सकते हैं बाजार का विस्तार।

कांकेर – जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कांकेर द्वारा आज जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एन(एमएसएमई), महिला आश्रम, स्व-सहायता आश्रम (एसएचजी) और पारंपरिक कलाकारों को डिजिटल माध्यम से बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार की रैम्प योजना के तहत हुआ। कार्यशाला का शुभारम्भ जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र उत्तर स्टॉक कांकेर के महाप्रबंधक टंकेश्वर देवांगन द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि स्थानीय मूर्तियों को डिजिटल मंचों से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता दी जा सकती है।वर्कशॉप में ई कॉसर्स प्लेटफ़ॉर्म के डायरेक्टरी और सीईओ एवं अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के प्लेसमेंट और प्रोजेक्ट एसोसिएट एजेंसी के प्लेसमेंट ने व्यवसाय से व्यवसाय और व्यवसाय से ग्राहक विक्रेता पंजीकरण, उत्पाद सूचीकरण, प्रचार-प्रसार, और ऑर्डर व्यवस्था की जानकारी दी गई है।डिजिटल मार्केटिंग सत्र में ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर विक्रेता पंजीकरण के साथ-साथ सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से कम लागत में ब्रांडिंग और बिक्री बढ़ाने के सरल उपाय बताए गए। स्ट्रेंथ ने कहा कि क्वालिटी पूर्ण स्केच, आकर्षक विवरण और विक्रय से नियमित संवाद स्थानीय को वैश्विक ब्रांड बनाने में सहायक होते हैं। राज्य परियोजना एजेंसी एजेंसी सी.सी.अधिवक्ता डीसी रायपुर के प्रतिनिधि राज्य में चल रही रैम्प येजना के उद्यमों जैसे उद्यम जागरूकता, साझेदारी प्रशिक्षण, डिजिटल विपणन और वित्तीय विभाग पर विस्तार से जानकारी दी गई। सभी स्टार्स के बाद स्टार्स के साथ सवाल-जवाब किए गए और स्टार्स के संदेह का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक प्रोटोटाइप, महिला समूह समूह सदस्य, पारंपरिक और स्थानीय एमएसएमई उद्यमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कांकेर के सभी प्रबंधक एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।