टेकरी (रायपुर जिला) – से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां राजेश वर्मा नामक व्यक्ति पर बिना किसी वैध डिग्री और लाइसेंस के डॉक्टर बनकर इलाज करने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राजेश वर्मा कई साल पहले एक डॉक्टर के यहां सहायक के रूप में काम करता था। संबंधित डॉक्टर के निधन के बाद उसने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि न तो राजेश वर्मा के पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री है और न ही चिकित्सा अभ्यास का वैध लाइसेंस।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि राजेश वर्मा के साथ उसका बेटा शुभम वर्मा भी इलाज के काम में शामिल है, जबकि उसके पास भी किसी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता या पंजीकरण नहीं है। दोनों द्वारा लंबे समय से इलाज किए जाने की बात कही जा रही है, जिससे गांव और आसपास के लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी की जान से खिलवाड़ न हो।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में चल रहे कथित अवैध क्लीनिकों की जांच कर दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएं।
टेकरी गांव में कथित फर्जी डॉक्टरों का मामला, ग्रामीणों की सेहत से खिलवाड़ का आरोप
