एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं – कलेक्टर श्री उइके।

राजस्व अधिकारियों एवं मैदानी अमलों को लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के दिए निर्देश।

नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार एवं सीमांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता से करें निराकृत।

कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश।

गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेकर विशेष अभियान चलाकर प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिये।उन्होंने सम्पूर्ण राजस्व प्रकरणों के निराकरण जैसे – भू-अर्जन, अभिलेख कोष्ठ में अभिलेख जमा करने की स्थिति, राजस्व वसूली, स्वामित्व योजना, सभी किसानों का कृषक पंजीयन, आधार एवं मोबाईल नम्बर अनिवार्य रूप से होना चाहिए। मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन एवं अन्य जनप्रतिनिधि से प्राप्त आवेदनों को नियत समय पर निराकृत करे। समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा। आर.बी.सी. 6-4 के तहत प्रकरणों की स्थिति एवं लंबित मुआवजा राषि की जानकारी लेते हुए नियमतः कार्यवाही करने को कहा। शासकीय एवं वन भूमि से अतिक्रमण, बेदखली पर उचित कार्यवाही करने को कहा। जिले में आय, जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्रों का सेचुरेषन अभियान चलाए। डिजिटल हस्ताक्षर पटवारी की डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेखों के सत्यापन की जानकारी ली। किसान किताब का आधार प्रविष्टि की स्थिति। भू-नक्शा अद्यतीकरण की स्थिति। राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार प्रकरणों का निराकरण की स्थिति। भू-बंटन रिकार्ड दुरुस्ती की जानकारी ली। साथ ही स्वामित्व योजना एवं एग्री स्टेक अंतर्गत किसानों के पंजीयन की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का शत् प्रतिशत पंजीयन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी कृषि विभाग से समन्वय कर अभियान चलाकर किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक में करवाये। किसानों के पंजीयन होने से उन्हें आगामी सत्र में समर्थन मूल्य में धान बेचने में सहुलियत होगी। कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि एसडीएम एवं तहसीलदार-नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर तेजी से निराकृत किया जाए। इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रकाश राजपूत, श्री नवीन भगत सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर श्री उइके ने बैठक में राजस्व अधिकारियों एवं मैदानी अमलों को गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए प्रकरणों को अनावश्यक अधिक समय तक लंबित न रखा जाए। इस दौरान कलेक्टर ने बैठक में हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण, शासकीय विभागों को भूमि आबंटन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा, अवैध निर्माण के नियमितीकरण हेतु पूर्व में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, अवैध कॉलोनी निर्माण पर कार्यवाही, अवैध खनिज उत्खनन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 का क्रियान्वयन एवं अद्यतन प्रगति, चिटफंड कंपनी से संबंधित जानकारी। शासकीय उचित मूल्य दुकान, स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र निरीक्षण की जानकारी, पटवारियों की मांग एवं समस्याओं का निराकरण, लंबित अनुकंपा नियुक्ति, स्वेच्छानुदान सहित अन्य प्रकरणों की भी समीक्षा की।