महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड को आकांक्षी जिला कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तरीय सम्मान।

महासमुंद:-आकांक्षी जिला पहल के अंतर्गत महासमुंद जिले और पिथौरा विकासखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ राज्य में आकांक्षी जिलों की रैंकिंग में महासमुंद को कांस्य पदक, जबकि पिथौरा विकासखंड को रजत पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 6 में से 5 संकेतकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आधारित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 2 अगस्त को रायपुर में आयोजित समारोह में पुरस्कार प्रदान किए।सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा मुख्य सचिव अमिताभ जैन की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री  साय ने महासमुंद जिले की टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिले ने नीति आयोगद्वारा तय किए गए लक्ष्यों को टीम भावना से पूर्ण किया है। इस प्रयास के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की ओर से जिला पंचायत सीईओ एवं नोडल अधिकारी एस. आलोक ने पुरस्कार ग्रहण किया। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से समीर पांडे, कृषि विभाग से एफ.आर. कश्यप, स्वास्थ्य विभाग से पी. कुदेशिया, समग्र शिक्षा से रेखराज शर्मा, जनपद सीईओ चंद्रप्रकाश मनहर और आकांक्षी ब्लॉक फेलो वैभवी मोयल को भी प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा 2018 में नीति आयोग के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों में तेज़ और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देता है।  इसी कार्यक्रम की सफलता के आधार पर आकांक्षी ब्लॉक योजना की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य देश के 500 ब्लॉकों में तीव्र विकास को बढ़ावा देना है। महासमुंद जिले ने इस दिशा में शत-प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति करते हुए राज्य स्तर पर विशिष्ट स्थान अर्जित किया है। कलेक्टर लंगेह ने जिले की पूरी टीम को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शेष बचे संकेतकों पर भी निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने जिला नोडल अधिकारी आलोक के नेतृत्व की सराहना करते हुए पूरी टीम को लगातार सुधार की दिशा में कार्यरत रहने का आह्वान किया।