छात्रों से संवाद में नामांकन ने साझा प्रेरणादायक अनुभव।
धमतरी – शाशम की मंडली को जमीन तक की शिक्षा और विद्यार्थियों को नामांकन के उद्देश्य से नामांकित श्री अबिनाश मिश्रा की टीम शनिवार को धमतरी के शिक्षा मंडल माध्यमिक विद्यालय, सिलौटी क्षेत्र। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों से आत्मीय संवाद किया और न केवल अध्ययन संबंधी विषयों पर चर्चा की, बल्कि भविष्य के निर्माण में कौशल और परिश्रम की आवश्यकता है, उनकी प्रेरणा से जुड़ी बातें साझा की गईं। इस अवसर पर नगर निगम की आयुक्त श्रीमती प्रिया गोयल, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्री पीयूष गोयल, विद्यालय के कार्यशाला, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
विद्यार्थी जीवन से जुड़े दस्तावेज़
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अपने छात्रों के जीवन के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वे स्कूल के समरसेबल के बीच स्थानीय बाजार से ग्रेडेड ग्रेड पर स्टेशनरी सामग्री जैसे स्टीकर मौलिक थे और इसमें छोटे-छोटे नवाचार कर अच्छे बाजार में स्टॉक शामिल थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छात्रों को यह समझाया जाए कि सीमित प्रारूप में भी उद्यम और व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
पढ़ाई के साथ कौशल का महत्व
रजिस्ट्रार एबीनाश मिश्रा ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ कोलोराडो पर भी जोर देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता सिर्फ किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और प्रेरक सोच से मिलती है। उन्होंने छात्रों से अनुरोध किया कि वे खाली समय का सदुपयोग करें और किसी भी तरह का भूखापन न सीखें और छोटे-छोटे टूल्स पर काम करें, जो भविष्य में उनके उपयोगी सिद्ध हो सकें।
मुफ़्त कोचिंग से मिलेगा लाभ
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा ‘नाथू जी जगताप स्कूल, धमतरी’ में छात्रों के लिए निःशुल्क कोचिंग की तैयारी की जा रही है। छात्र-छात्रा इन छात्रों का लाभ उठाने के लिए विद्यालय में संपर्क कर सकते हैं।नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रिया गोयल और उपाध्यक्ष श्री पीयूष तिवारी ने भी छात्रों को भविष्य की घोषणा के प्रति साक्षात्कार दिया, अपने लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शासन की मंजूरी का लाभ तभी मिल सकता है जब युवा अपने जीवन में निर्देश, उद्देश्य और निरंतर प्रयास अपनाएं।
नवप्रवर्तन से आत्मनिर्भरता की ओर
इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक सोच विकसित करने का संदेश मिला। छात्रों के जीवन में आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने वाला यह प्रेरक उद्बोधन है।सभी छात्रों ने छात्रों और अन्य अधिकारियों से मिलकर अपने जीवन में अनुशासन का संकल्प लिया। यह टूर स्टूडेंट्स के लिए निश्चित ही प्रेरणा का स्रोत बना, जो उन्हें आगे की पढ़ाई और करियर निर्माण में दिशा निर्देश देता है।
