ग्राम चेस्ट इकोनामिक ग्रेड: कलेक्टर श्री  मिश्रा ने निरीक्षण किया।

गांव के विकास के लिए रेलवे मशीनरी और रोजगार के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है।

धमतरी – जिला प्रशासन की ओर से एक नई पहल के तहत ग्राम चेस्ट को इकोनामिक गैलरी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में डॉक्टर  अविनाश मिश्रा ने आज ग्राम चेस्ट का दौरा कर वहां की स्थिति और रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि ग्राम चेस्ट रायपुर और धमतरी के मध्य क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां औद्योगिक और आर्थिक विकास की व्यापक पैमाने पर छपाई होती है। उन्होंने कहा कि छाती को आर्थिक असमानता के रूप में विकसित करने से न केवल रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक असमानता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गांव में पिपरियात, स्वतंत्रता, प्रधानमंत्री आवास जैसे एजेंट्स को बातचीत करने की योजना बनाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर ने निकोलस से बातचीत कर अपने सवाल और सुझावों को भी जाना।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि गांव में बड़े उद्योग स्थापित किए जाएं, ताकि युवाओं और विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर आसानी से मिल सकें। इसके साथ ही महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें पारंपरिक कारीगरी की तरह हाथ से जोड़ने की योजना पर भी बल दिया गया। उन्होंने ग्राम में महिलाओं द्वारा जा रहे श्रमिकों की जानकारी ली और रोजगार को दिशा में सक्रिय करने की दिशा में काम किया।
कलेक्टर ने डोनर स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र का निरीक्षण किया।
कलेक्टर श्री  मिश्रा ने डोनर स्थित 33 के विद्युत उपकेन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना हुई है। इस जिले में विद्युत रूप से विद्युत की आपूर्ति हो गयी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डोनर गांव से सभी स्टेशन तक पहुंच मार्ग की वसूली की जाए। इसके साथ ही सभी स्टेशनों के आसपास वृहद का उल्लेख किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख श्री पीयूष तिवारी समेत विभिन्न पदों के अधिकारी मौजूद रहे।