“बिजली दरों में बढ़ोतरी और कटौती पर आम आदमी पार्टी का विरोध, सरकार को सौंपा ज्ञापन”

महासमुंद – राज्य में बढ़ती बिजली दरों और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने प्रदेशव्यापी विरोध दर्ज कराया है। पार्टी के पदाधिकारियों ने सभी जिलों के अधीक्षण यंत्री, कलेक्टर एवं तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि बिजली की दरों में प्रस्तावित वृद्धि को तत्काल रद्द किया जाए और बगैर सूचना के बिजली कटौती पर रोक लगे। महासमुंद जिला मुख्यालय में यह ज्ञापन पार्टी के प्रदेश सचिव संजय यादव के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि जुलाई 2025 से प्रति यूनिट बिजली दर में लगभग 20 पैसे की वृद्धि प्रस्तावित है, जो सीधे तौर पर गरीब, निम्न मध्यमवर्ग और आम जनता को प्रभावित करेगी।संजय यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक बिजली अधिशेष राज्य है, बावजूद इसके बिजली सस्ती करने के बजाय महंगी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी वित्तीय नाकामी को छुपाने के लिए जनता पर बोझ डाल रही है।बिजली वितरण कंपनी द्वारा 4,550 करोड़ रुपए के घाटे का हवाला देकर नई दरों को जायज ठहराया जा रहा है, जबकि असली समस्या प्रशासनिक खर्चों की भरमार है। उन्होंने सुझाव दिया कि चार अलग-अलग विद्युत कंपनियों की बजाय एक एकीकृत कंपनी बनाई जाती तो खर्च में भारी कटौती संभव थी, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलती।पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं लेती और अघोषित कटौती नहीं रोकी गई, तो आम आदमी पार्टी जल्द ही राज्यभर में व्यापक आंदोलन करेगी।