नगरी /राजशेखर नायर – नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही शिक्षा विभाग की अव्यवस्था की पोल हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी खुलने लगी है. नगरी विकासखंड में 338 प्राथमिक शाला और 125 माध्यमिक शालाएं संचालित है, इन शालाओ मे वर्तमान स्थिति यह है की प्राथमिक शाला में 56 और माध्यमिक शाला में 50 शिक्षकों की कमी है.मामला शासकीय सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम प्रायोगिक प्राथमिक शाला नगरी का सामने आया है. शिक्षकों की कमी के चलते अध्ययन कर रहे बच्चों के पालकों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी से मुलाकात के दौरान, शनिवार सुबह बच्चों को स्कूल न भेजने और स्कूल में तालाबंदी करने की बात कहीं.पालक ज्योति वैष्णव, डॉ. सुरेंद्र साहू, सेमंत पटेल, गोपी कृष्ण लाहौरिया और अन्य पलकों ने बताया की पूर्व में 125 बच्चों को 4 शिक्षक पढ़ रहे थे, युक्ति युक्तकारण के तहत दो शिक्षकों को मूल शाला में भेज दिया गया. अब 125 बच्चे 2 शिक्षकों के भरोसे अध्ययन कर रहे हैं. पलकों में इस बात को लेकर आक्रोश है और स्कूल में तालाबंदी करने की बात कह रहे हैं.
विकासखंड शिक्षा अधिकारी-के. आर. साहू – जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा कर इस समस्या का समाधान किया, विकासखंड में प्राथमिक शाला, के 56 और माध्यमिक शाला में 50 शिक्षकों की कमी है और नए नियम अनुसार युक्ति युक्त करण के तहत संलग्न शिक्षकों को मूल शाला वापस भेजा जा रहा है. जिसकी वजह से प्रयोग शाला के 2 शिक्षकों को उनके मूल पाठशाला भेजा गया है.
Photo- ज्योति वैष्णव- शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई ठीक तरह से हो नहीं पा रही है दो शिक्षक 125 बच्चों को ठीक तरह से पढ़ा नहीं पा रहे हैं, इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे और स्कूल में तालाबंदी करने को मजबूर होंगे.
फोटो -डॉ सुरेंद्र साहू- प्रतिवर्ष सत्र प्रारंभ होती इस तरह की अव्यवस्था देखने को मिलती है पहले से पांचवी तक की शिक्षा का बेस बच्चों को एक मजबूत न्यू प्रदान करता है पर पिछले वर्ष का भी बच्चों का पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं हो पाया था इसलिए शिक्षा विभाग को बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की कमी को पूर्ण किया करना चाहिए।
