निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का रखे विशेष ध्यान
कलेक्टर श्री बी.एस उइके ने निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक में दिये निर्देश
गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस उइके ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी निर्माण एजेंसियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे पूर्ण-अपूर्ण एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्यों में कोई परेशानी आती है उसकी जानकारी साझा करें। कलेक्टर ने बैठक में पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग, आरईएस, पीएचई ईएंडएम, सेतु निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पीएमजीएसवाय विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्याे की जानकारी ली। उन्होंने अपूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिये। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्याे को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।उन्होंने जिले के अस्पताल, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, आश्रम – छात्रावासों, न्यायालय, तहसील, एसडीएम, अधिकारी-कर्मचारी आवास सहित अन्य शासकीय भवनों के स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्याे की जानकारी लेकर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ठेकेदारों से इन कार्यों को समय-सीमा के अंदर काम करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार काम में बिना वजह देरी कर रहे हैं उनके विरुद्ध अनुबंध के अनुसार कार्यवाही करें। इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरते। सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखे। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर श्री नवीन भगत, जिला शिक्षाअधिकारी श्री एके सारस्वत पीएचई के कार्यपालन अभियंता श्री विप्लव धृतलहरे सहित विभागों के जिला अधिकारीगण मौजूद रहे।कलेक्टर श्री उइके ने निर्माण विभागों की बैठक में निर्माण कार्यों के भू-अर्जन से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कामों का समय-सीमा के भीतर पूरा होना जरूरी है, जिससे लोगों को इन निर्माण कार्यों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरी गति से पूर्ण किए जाए। जिले में चल रहे सड़कों और भवनों के काम की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि ईई से लेकर सब इंजीनियर तक सभी लगातार फील्ड का दौरा कर कामों की क्वालिटी की मॉनिटरिंग करें। यदि अंतर्विभागीय समन्वय में कहीं समस्या आती है तो तत्काल मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाएं जिससे उसका निराकरण किया जा सके। इसके कारण काम की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
