‘ऊ से ऊपरी आहार’ विषय पर साइंटिस्ट ने चर्चा की।
कोंडागांव – महिला बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ और विक्रमशिला एजुकेशन रिज़र्स सोसायटी के तकनीकी सहयोग से जिले में अनुसूल पालकत्व ‘परवरिश के चैंपियन’ कार्यक्रम की स्थापना की जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास में पालकों की शिक्षा पर समझ विकसित करना है। इसी तरह के सिद्धांत में महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कोंडागांव द्वारा गुरुवार 05 जून को जिले के समग्र शैक्षिक संस्थान में पालक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य 6 महीने के बाद ऊपरी आहार की महत्ता को लेकर जागृति हासिल करना है।बैठक में 6 माह के बाद शिशु को स्तनपान कराने के साथ-साथ ऊपरी आहार की आवश्यकता की जानकारी सरल भाषा में दी गई। पालकों को घर में उपलब्ध स्थानीय एवं सुगम सामग्री से ऊपरी आहार तैयार करने के तरीके बताए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि भोजन की मात्रा और स्वच्छता का पालन कैसे किया जाए, ताकि बच्चों का स्वाभाविक विकास हो सके। इस अवसर पर ऊपरी आहार ऐलोकैटिक प्रदर्शनी और भोजनालय चखने की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि ‘ऊ से ऊपरी आहार’ विषय पर जागरूकता का प्रचार-प्रसार अत्यंत सराहनीय है, इस तरह का प्रयास शिशु स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रथम विभाग का संयुक्त विक्रय का प्रतीक है।पालक बैठक में माता-पिता, दादा-दादी के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों की भी भागीदारी का आकलन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों ने शिक्षण शिक्षण पर अपना अनुभव भी साझा किया।
