राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण प्रारंभ।

प्रथम चरण में स्वास्थ्य क्षेत्र पर बुनियादी मात्रात्मक जानकारी की जा रही प्राप्त।

गरियाबंद – भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के निर्देशन में वर्ष 2025 के दौरान राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण का 80 वां दौर देशभर में जनवरी 2025 से प्रारंभ किया गया है। जिसके प्रथम चरण का प्रारंभ छ.ग. में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के मार्गदर्शन में संचालनालय एवं जिले के प्रगणकों द्वारा चयनित गणना खण्डों में सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है। सर्वेक्षण के प्रथम चरण में घरेलु सामाजिक उपभोग स्वास्थ्य क्षेत्र पर बुनियादी मात्रात्मक जानकारी प्राप्त करना है। इसमें विभिन्न आयु, लिंग समूहों के बीच गुणवत्ता की व्यापकता दर के निर्धारण के लिए प्रासंगिक प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाओं के उपभोग की सीमा का मापन, अस्पताल में भर्ती होने या चिकित्सा संस्थानों में भर्ती होने पर प्राप्त चिकित्सा देखभाल पर व्यय, सरकारी अस्पतालो के उपयोग की सीमा और सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से प्राप्त उपचार पर होन वाले व्यय का अनुमानित ब्योरा का आकलन किया जाएगा। कलेक्टर श्री बी.एस.उइके ने आमजनों से प्रगणकों को सही-सही जानकारी देकर नीति निर्धारण में सहभागिता की अपील की है।इस सर्वेक्षण में कुछ व्यापक संक्रामक बीमारियों से प्रभावित आबादी, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की उपयोग की व्यापकता उपचार की लागत और कवर की गई बीमारियों के प्रकार, दवाओं की भुमिका पता लगाने में मदद मिलेगी। इसमें प्रसव के लिए निजी और सार्वजनिक अस्पतालों के उपयोग की सीमा, होने वाली लागत और प्रसव कराने वाली महिलाओं द्वारा प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात देखभाल में व्यय की सीमा का पता लगाया जाएगा। साथ ही 0-5 वर्ष की आयु के बच्चो के टीकाकरण व 60 वर्ष से अधिक आयु की आबादी की स्थिति का कुछ पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की जाएगी। जिसमें स्वास्थ्य की स्थिति, आर्थिक स्वतंत्रता और अलगाव की स्थिति पर असर पड़ता है। मुख्य रूप से रूग्णता (पिछले 15 दिनों के दौरान बीमार व्यक्तियों का अनुपात) अस्पताल में भर्ती होने की दरें सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य देखभाल संस्थानो का उपयोग संस्थागत प्रसव का अनुपात आदि के संकलन इस सर्वेक्षण के ऑकडों में प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। जिसमें जेब से बाहर के खर्च के साथ साथ सरकारी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों तक पहुंच पर विशेष जोर दिया जाएगा।