महानदी के अचोटा पुल की वसूली के लिए निर्माण प्रस्ताव।

नया पुल बनाने की भी योजना, बिजली का दबाव कम होगा, लोगों को सुविधा मिलेगी।

कलेक्टर ने निर्माण कार्य के निर्देश दिए, आवश्यक निर्देश।

धमतरी – धमतरी को नगरी से जुड़ने वाली सड़क पर महानदी पर अछोटा गांव के पास बने पुल की जांच कर उसकी आवश्यकता पर नजर रखी जाएगी। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने आज इसके निर्देश लोक निर्माण विभाग सेतु प्रभारी के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने आज निर्माण परियोजनाओं की बैठक में जिलों में चल रहे विभिन्न विकास कार्य, सड़क-पुल निर्माण, भवन निर्माण से लेकर सीलिंग इंजीनियरों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने महानदी पर बने मौजूदा अचोटा पुल के खराब होने की आशंका के चलते अपनी जांच की और आवश्यक हिसाब-किताब से सुधार कार्य की प्रस्तावना बनाने को कहा। उपस्थित सेतु प्रभारी के कार्यपालन आर्किटेक्ट ने बताया कि उक्त पुल 1978 में बनाया गया था। पुल की रेलिंग और स्पॉसन ज्वाइंट पुराने हो गए हैं, जिनमें सुधार की आवश्यकता है। रजिस्ट्रार ने अपने प्रस्तावित प्रस्ताव की तैयारी और पुल पर सुधार कार्य के लिए डामरीकरण करने के बाद भी योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

महानदी पर नया पुल बनाने की भी योजना –

बैठक में कलेक्टरों ने जिलों में तेजी से बढ़ते राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला इंडस्ट्रीज पर नजर डालते हुए भविष्य में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए महानदी पर नए पुल की योजना बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने नए पुल की चौड़ाई और गुणवत्ता आदि के भविष्य के हिसाब से भी कहा। सेतु प्रभारी के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए राज्य शासन को लगभग 58 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। इस राशि के विचार हो जाने महानदी पर 900 मीटर की दूरी और 13 मीटर की तीन लेन वाली सड़क वाला नया पुल। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस पुल के बनने के बाद धमतरीवासियों को पुराने पुल को पांच लेन की सड़क वाले पुल मिल जाएंगे, जिसमें सलाह दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि महानदी के मुख्य नहर नाका चौक के पास भी नया पुल बनाने का प्रस्ताव है। इसका संस्करण वर्ष 2024-25 का बजट में मिला हुआ है। यह पुल 63 मीटर लम्बाई, 13 मीटर सिलेंडर होगा। पुल के उद्घाटन संस्करण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

नगरी-सांकरा-सिहावा को जोड़ने की भी योजना

बैठक में कलेक्टर ने नगरी-सांकरा-सिहावा में पर्यटकों को जोड़ने की योजना के तहत लोक निर्माण विभाग और सेतु जिला मुख्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान में स्थित स्ट्रीट वेजिटेबल्स को लेकर उन्हें छोटी-छोटी नई स्ट्रीट्स से लेकर एम्बॉडी नगरी से सिहावा तक के सहायक का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की योजना पर काम करने को कहा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि इन इलाकों तक आने-जाने की सुविधा के लिए 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का रिकार्ड बनाया जाए और सर्वे कार्य शुरू किया जाए और इसका प्राक्कलन तैयार किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सिहावा क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। धमतरी ही नहीं, राज्य के अन्य हिमाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से भी लोगों का आना-जाना बढ़ता है, जिससे उद्यमों पर राजस्व का दबाव बढ़ता है। नगरी-सिहावा तक अलग-अलग इलाकों से रीच रीच की सुविधा उपलब्ध है, नगरी-सांकरा-सिहावा को सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना सिद्ध होगी।

निर्माण सामग्री- लाए-जाने से बनी खराब ग्रामीण सड़कें

बैठक में कलेक्टर ने जिले में भारतमाला परियोजना और अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों के लिए रेत, सीमेंट, गिट्टी, मुरूम आदि के निर्माण के लिए गांव की सड़कों के खराब होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने गट्टासिल्ली रोड जैसी अन्य सड़कों के खराब होने से लोगों को होने वाले नुकसान के बारे में एनएच एनएच के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि भारतमाला परियोजना या अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों की सड़कों को बनाने के लिए सामग्री का निर्माण किया जाए, जो ग्रामीण सड़कें खराब हो गई हैं, उन सभी का समूह एनएच ज्वालामुखी द्वारा बनाया जाए। इस तरह से खराब हुई सभी ग्रामीण सड़कों की सूची, एनएचएम के अधिकारियों को उपलब्ध कराये गये निर्देश, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों के निर्देश नीचे दिये गये हैं। उन्होंने गट्टासिल्ली सड़क को चालू गुणवत्ता वाले संकेतक से शुरू करने को भी कहा।

घाटुला-संकरा प्रस्तावना को सोंढूर मांग से आवश्यक पानी, एजेंसी राशि जमा करने के लिए सीना विभाग ने लिखा पत्र-

निर्माण परियोजना की समीक्षा बैठक में पंचायत ने नगरी क्षेत्र में दो सरफेस जल संरक्षण के लिए पानी देने में देरी पर भी विस्तृत चर्चा की। सींच के विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी जल प्रदाय योजना के लिए बांध या बैठक से पानी देने की प्रक्रिया शासन स्तर पर होनी चाहिए। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जल आवंटन समिति की बैठक होनी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि घाटुला-सांकरा जल प्रदाय के लिए जल आवंटन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पानी लेने के लिए पाइप लाइन आदि कार्य की आवश्यकता है और पानी लेने के लिए राशि जमा करने की आवश्यकता है के लिए भी पत्र भेजा गया है। सींच के विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घाटला-सांकरा तक सोंढूर नहर से 12 महीने लगातार पानी दिया जाना व्यवहारिक नहीं है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पाइपलाइन द्वारा ही पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विभाग को सूचित किया जा चुका है।