नगरी /राजशेखर नायर – डीएफओ गरियाबंद वरुण जैन ने बताया की उदंती सीता नदी,अभयारण्य क्षेत्रों में, वन्यजीवों के अध्ययन और निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप का उपयोग किया जा रहा है। ये ट्रैप वन्यजीवों की गतिविधियों को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड करते हैं, जिससे उनके व्यवहार, आवास और संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त होता है। कैमरा ट्रैप वन्यजीवों की उपस्थिति, प्रजातियों के बीच अंतर संबंधों, और मानव गतिविधियों के प्रभाव को समझने में मदद करते हैं, जिससे संरक्षण प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है।उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व विभिन्न स्थानों में लगे ट्रैप कैमरा में हाथी, तेंदुआ, भालू, नील गाय, हिरन, जंगली सुकर और भी कई अन्य दुर्लभ वन्य प्राणि कैद हो रहे हैं.
