धमतरी – छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के परामर्श से सुशासन तिहार तक समाधान अभियान शुरू किया है। तीन चरण में चलने वाले इस अभियान के पहले चरण में प्रदेश की जनता से उनके सहयोगी, किशोरी, संघ से जुड़े आवेदन समाधान पेटियां लगाए गए हैं। दूसरे चरण में सभी आवेदनों की निर्धारित समय सीमा में विशिष्टता पूरी कर ली गई है और अब तीसरे चरण में आवेदनों की कार्रवाई की जानकारी भी आवेदनों को दी जा रही है। इस पूरे तिहार का मुख्य उद्देश्य आम जनता के हितों का समर्थन करना, सरकार और जनता के बीच आपसी संवाद स्थापित करना भी है। धमतरी जिले में छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त होने वाले पहले पांच वर्ष का आवेदिका शामिल है।
बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण सरकार के इस सुशासन तिहार के कुछ अलग-अलग मूल्य भी विश्लेषित हो रहे हैं। धमतरी जिले में इस अभियान के तहत स्वाहा दो लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। धमतरी जिले में कुल दो लाख 27 हजार 931 आवेदन मिले हैं, जिसमें केवल चार हजार 601 आवेदन विभिन्न आवेदकों से संबंधित हैं और लगभग 98 प्रतिशत आवेदन आवेदन सरकारी से मंजूरी लेने की मांग वाले हैं। कई पुराने स्नातक, सेवानिवृत्त मठाधीश अधिकारियों ने यह भी बताया है कि इतनी बड़ी संख्या में जनता को सरकार से आवेदन पहले कभी नहीं मिले हैं। छत्तीसगढ़ में विपक्ष सरकार भी जनता तक पहुंचने के लिए लोक संपर्क अभियान, ग्राम सूरज अभियान, लोकतंत्र-मुलाकात कार्यक्रम जैसे कई तरीके अपनाती है। इन अभियानों के दौरान किसी भी जिले में कोई आवेदन नहीं मिले थे। जिला प्रशासन ने सभी मिले आवेदनों में से आज तक लगभग 98 प्रतिशत आवेदन लिये हैं। अब तक चार हजार 138 हजार और दो लाख 18 हजार 673 जैतून वाले आवेदन कुल मिलाकर धमतरी जिले में दो लाख 22 हजार 811 आवेदन निराकृत जा चुके हैं। आम तौर पर अधिकांश आवेदनों की प्राप्ति सरकार के कार्यों में प्रति लोगों का असंतोष शामिल होता है। लेकिन चालू सुशासन तिहार के दौरान धमतरी जिले में मिले दो लाख 27 हजार आवेदनों में से 98 प्रतिशत आवेदन सरकारी मंजूरी से लाभ पाने के लिए हैं। धमतरी जिले में दो लाख से अधिक आवेदनों में मात्र साढ़े चार हजार से अधिक आवेदन शामिल हैं। निश्चित रूप से विष्णु के गुट पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का काम है और स्थापित प्रतिष्ठान- भगवान का पालन-पोषण करते हुए देव सरकार इन सब पर यथोचित कार्रवाई भी करेगी।
विश्लेषण करें करीब सवा दो लाख आवेदनों में से 98 प्रतिशत मांग पर आधारित है। लोगों ने बड़ी संख्या में महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री के आवास, अपोलो की मंजूरी, साख प्रमाण पत्र बनाना, राशन कार्ड बनाना, आयुष्मान कार्ड बनाना, कृषि यंत्रों की मांग, मातृ वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, श्रम कार्ड बनाना, बकरी पालन, मछली पालन, मत्स्य पालन, मछली पालन से लेकर लघु उद्यम स्थापित करने के लिए आवेदन सरकार को शामिल करना शामिल है। एसोसिएटेड आवेदनों की संख्या की तुलनात्मक रूप से अलग-अलग जानकारी दी गई है और सरकारी मंजूरी से लेकर 98 प्रतिशत आवेदनों की मांग के बारे में कुछ अलग ही कहानी बताई गई है। जिस तरह से समर्थन मिलता है उसी विष्णु देव सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम किया है, प्रदेश की जनता में शासन-प्रशासन का विश्वास तो बढ़ा ही है, अब ग्राम पंचायत, गांव स्तर तक विकास की आशा भी पूरी हो रही है। बड़ी संख्या में सरकारी मंजूरी से सरकारी आवेदन करने वाले आवेदन इस बात का भी प्रमाण है कि विष्णु देव सरकार की सरकारी मंजूरी में सही आवेदन शामिल हैं। डिज़ायन इन दस्तावेज़ों को स्वीकार किया जा रहा है। तेजी से बढ़ती तेजी से प्रदेशवासियों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।
सुशासन तिहार में मिले आवेदनों से सरकार पर भी एक नए पोस्टर का असर। लोगों को सीधे लाभ वाली नामावली वाली, किसानों, गरीबों, आदिवासियों को आगे लाने वाली, महिला-बुजुर्गों-युवाओं को रोजगार और सामाजिक न्याय से जोड़ने वाली और अच्छे और बड़े पैमाने पर संचालित करने का संदेश सरकार ने इस सुशासन तिहार को दिया है। अब इन मिले आवेदनों का विश्लेषण शासन स्तर पर होगा। गाँव से लेकर शहर तक सर्वांगीण विकास की योजना बनेगी। सामाजिक सुरक्षा से लेकर आर्थिक विकास तक स्वास्थ्य से लेकर पढ़ाई तक हर क्षेत्र में आवेदनों में मिली गंदगी का प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री स्वयं तीसरे चरण में गांव-गांव में लोगों से संवाद करेंगे। उनके फायदे के लिए बनने वाली डॉमिनेशन के बारे में जानेंगे। उनके असंतुलितों और परमाणु हथियारों की मशीन पर भी स्थिरांक होंगे। मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में अघोषित बैठक लेकर इस सुशासन बिहार में मिले आवेदनों को आधार विकास की नई मंजूरी की शुरुआत भी कर सकते हैं।
वर्ष में ही विष्णु देव सरकार ने गांव-गरीब-किसान-युवा-आदिवासी-महिला-बच्चे-किशोरों सहित समाज के हर वर्ग को लाभ वाली सूची में मोदी की लगभग 90 प्रतिशत गारंटी पूरी कर ली है। जीरो के खिलाफ सरकार का समर्थन टॉलरेंस, सूचना प्रौद्योगिकी, सेमी-सेमी बस्ती जैसे आधुनिक क्षेत्र में राज्य में रोजगार के साधन बनाने वाले युवाओं ने युवाओं को भी सरकार के समर्थन में खड़ा किया है। छत्तीसगढ़ वासियों के मन में इस विश्वास का जागना है कि इस सरकार में जो बातें और घोषणाएं की गई हैं, उनमें कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर स्तर पर लागू है, अधिक से अधिक लोगों को फ़ायदे मिलेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान मांगें। सार्वभौम विश्वास और साथ से सार्वभौम विकास की धारणा ऐसे प्रयास से ही फलीभूत होगी।
सुशासन तिहार: सरकारी मंजूरी की स्वीकृति और जनता का मोहर – जितेन्द्र नागेश, लेखक संयुक्त व्यापारी।
