मावा मॉडल’ के महापरीक्षा अभियान में जिले के 839 लोग शामिल हुए।

कांकेर – कलेक्टर कांकेर ब्लूटूथ कांकेर में ब्लूटूथ कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन कांकेर द्वारा “मावा मॉडल” योजना के तहत घाटी के त्योहारों में सफलता प्राप्त करने के लिए दीक्षांत समारोह मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए चयन परीक्षा सह मेमोरियल टेस्ट का आज लिया गया। जिला मुख्यालय के अलावा विकासखण्ड निर्मित मुख्यालयों में भी परीक्षा केन्द्रित किया गया था, जिसमें 1298 विद्यार्थियों ने एनलाइन और 112 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कांकेर जिला मुख्यालय में 362 स्टूडियो और प्रतापपुर मुख्यालय में 374 स्टूडियो, दुर्गुकोंदल में 48, चारामा में 33, पखांजुर और नरहरपुर में 11- 11 इस प्रकार कुल 839 स्टूडियो महापरीक्षा अभियान में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत जिला मुख्यालय कांकेर एवं भानुप्रतापपुर में इसकी शुरुआत हो चुकी है।जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हरेश मंडावी ने बताया कि डीवीडी टेस्ट के लिए मुफ्त कोचिंग के लिए सर्टियों ने चयन परीक्षा में भाग लिया। अभी भी 350 बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसमें 500 रुपये की छूट है, जहां इन बच्चों को लाखों खर्च कर भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर जैसे शहरों में सुविधा जिलों में देने का प्रयास किया जा रहा है और कोचिंग के माध्यम से राज्य शासन के विभिन्न शहरी गांवों की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नया बैच 01 अप्रैल 2025 से शुरू होना है। रिट्रीट का जल्द ही चयन जारी सूची कर जिलों की वेबसाइट में अपलोड कर दी जावेगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक जिलों के बच्चों के लिए पीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी की जा चुकी है, इसके अलावा व्यापम, रेलवे, बैंक, एसएससी आदि की भी परीक्षाओं की तैयारी की जा रही है, जो मित्रता पुलिस, वन विभाग, अग्निवीर, सेना में जाना चाहते हैं उनके लिए भी प्रशिक्षण प्रशिक्षण 01 अप्रैल से ग्राम मुल्ला भानुप्रतापपुर कैंप में दिया जाएगा। फ्री कोचिंग में सीजेपीएससी में प्रीलिम्स परीक्षा में छात्र भी संपर्क कर सकते हैं, लोहिया पीएससी में कोचिंग और इंटरव्यू की तैयारी भी मुफ्त में कराई जावेगी। मार्केट रिसर्च इंस्टीट्यूट के छात्रों का डिवीजन कर अध्यापन कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को मार्केटप्लेस परीक्षाओं के लिए मानक निःशुल्क पाठ्य सामग्री पुस्तकें भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई हैं ताकि बच्चे लगातार अध्यापन कर सकें और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।