होलाष्टक 6 मार्च से 14 मार्च तक शुभ कार्य निषेध।

धमतरी – विप्र विद्वत परिषद धमतरी ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन के आठ दिन पुर्व होलाष्टक प्रारंभ होता है परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक शास्त्री जी ने बताया कि इस वर्ष देव पंचाग के अनुसार फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 6 मार्च गुरुवार से प्रातः 10 बजकर 50 मिनट से होलाष्टक प्रारंभ होगा जो 14 मार्च तक रहेगा होलिका दहन होने के बाद होलाष्टक समाप्त हो जायेगा धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि से होलाष्टक प्रारंभ होता जिसका प्रभाव पुर्णिमा रहता है इस आठ दिन को शुभ नहीं माना गया है होलाष्टक की ऐसी मान्यता है कि दैत्य हिरण्यकश्यप ने लगातार आठ दिनो भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को तरह तरह से यातना कष्ट दिये थे दुसरी धार्मिक मान्यताओ के अनुसार कामदेव ने भगवान शिव की तपस्या को भंग कर दिया तब भगवान शिव ने क्रोध में आकर अपनी तीसरी नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया तब कामदेव के पत्नी रति ने भगवान से अपनी पति को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की थी तब से होलाष्टक की परंपरा चले आ रहे हैं होलाष्टक लगने के बाद शुभकार्य नहीं किया जाता है जैसे विवाह संगाई नया वाहन खरीदारी जमीन मकान खरीददारी गृह प्रवेश एवं धार्मिक अनुष्ठान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए उपरोक्त जानकारी परिषद के मिडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने दीं हैं।