जिले एवं प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की दी बधाई – रूपसिंग साहू।

गरियाबंद – सामाजिक कार्यकर्ता रूपसिंग साहू ने जिले एवं प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की बधाई दी श्री साहू ने कहा की धर्म ग्रंथों के अनुसार अन्न वस्त्र स्वर्ण रजक आदि धातुओं का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है इसी मान्यता के चलते पर्व त्योहारों पर जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा चली आ रही है प्रदेश के गांव-गांव में दंड देने को एक खास पर्व के रूप में मनाया जाता है यह पर्व स्थानीय बोली में छेरछेरा के नाम से प्रसिद्ध है छेरछेरा पर्व को पौष मास की पूर्णिमा तिथि पर उत्साह से मनाया जाता है इस बार छेरछेरा आज 13 फरवरी को पड़ रहा है इसमें बच्चे महिलाएं द्वारा घर घर जाकर लोकगीत गाते हुए मांगते हैं द्वार पर मांगने के लिए आए लोगों को यथाशक्ति अनुसार कुछ ना कुछ दान अवश्य दिया जाता है गांव में धान और शहरों में गेहूं चावल दाल रुपए आदि का दान करते हैं इस दिन कोई मांगने आ जाए तो उसे दान अवश्य दिया जाता है फसल बेचने के बाद किसान अपने परिवार के जीवन यापन के लिए फसल का एक हिस्सा कोठार में एकत्रित करके रखता है और वह के दिन दान करके खुशी-खुशी विदा किया जाता है ऐसी मान्यता है कि दान देने से परिवार में अन्य धन की कमी नहीं होती है दान देने से बढ़ती है समृद्धि पौष पूर्णिमा पर दान करने से राजा बलि के समान सुख समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है कथा प्रचलित है कि पौष पूर्णिमा के दिन कौशल नरेश राजा कल्याण साईं युद्ध विद्या में पारंगत में होने की शिक्षा लेकर लौटे राजा के लौटने की खुशी में प्रजा ने राजा का स्वागत किया फसल का कुछ हिस्सा निर्धन लोगों को बाट दिया जाता है राजा के निर्देश पर पास पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाने लगा है इसी के साथ आप सभी को छेरछेरा पुन्नी पर्व की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं !