पेशनरो ने मनाया नववर्ष।

राजिम –   आज  छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज तहसील शाखा राजिम के द्वारा आयोजित मासिक बैठक गायत्री शक्ति पीठ राजिम के सभागार में सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम के शुभारंभ अतिथियों के द्वारा गायत्री माता एवं राजिम लोचन भगवान् के तैलचित्र में दीपक जलाकर पूजा अर्चना के पश्चात शुरू किया गया,मंचासीन मुख्य अतिथि श्री बैसाखूराम अध्यक्ष पेंशनर् समाज,साथ में संरक्षक श्री आर एन तिवारी,श्रीउदेरामसाहू सलाहकार  विक्रम मेघवानी 80 वर्ष पार  नीलकंठ बाजे जी का स्वागत पश्चात सभी आदरणीय सदस्यों का तिलक चंदन लगाकर स्वागत किया गया,जन्म दिन वाले सदस्य श्री करण सिंह ठाकुर, सुरेश कुमार महाड़ श्री मती गीता पाल, उपाध्यक्ष  लखनलाल सिन्हा,सचिव श्री ब्यास नारायण चतुर्वेदी जी को अंगवस्त्र,श्रीफल,बधाई पत्र, एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया,पेंशनर् चिंतक पत्रिका के आजीवन सदस्यों की संख्या 33 से आगे बढ़ाने के लिए अपील कर मासिक वालों से राशि लिए,पेंशनर् दिवस के आय ब्यय की जानकारी श्री विक्रम मेघवानी जी के द्वारा दिया गया जिसमें 68100 रुपये खर्च बताया जिसको सभी आदरणीय सदस्यों ने सहयोग कर पूरा किया।एक दिवसीय यात्रा के संबंध में चर्चा के बाद रामलला दर्शन के लिए सदस्यों को जानकारी श्री नूतन लाल साहू जी के द्वारा दिया गया,उद्बोधन के लिए विषय दिया गया था परिवार,समाज व राष्ट्र के प्रति पेशनरो का दायित्व,श्री नूतन लाल साहू जी ने कहा पेंशनर् सर्विस काल में राष्ट्र के साथ परिवार एवं समाज की दायित्व बखूबी निभाते हैं स्वयं के सुधार से परिवार समाज एवं राष्ट्र के सुधार निहित है श्री राम बिशाल वर्मा जी ने कहा स्वयं को समाज में आदर्श के रूप में प्रस्तुत करें कविता के माध्यम से पेंशनरों के दायित्व पर प्रकाश डाला श्री आर एन तिवारी जी ने धर्म और संप्रदाय पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर अध्यात्म, शास्त्रों में सनातन का उल्लेख के साथ अपने जीवन में परिवार , समाज और राष्ट्र हित में किए गए कार्यों का उल्लेख किया,  विषय पर अंतिम उद्बोधन पेंशनर् समाज के अध्यक्ष श्री बैसाखूराम जी के द्वारा दिया गयापेंशनरों के पास के पास पारिवारिक अनुभव का खजाना है परिवार में समानता स्थापित कर संतुष्ट रहना, क्रोध न करना, शांत रहना, कम बोलना, कम खाना, एवं अपने आर्थिक स्थिति मजबूत रखना चाहिएसमाज में सामाजिक नियमों के साथ जीवन जीना, अपने अनुभव को समाज के लोगों को देना, अच्छे और संस्कारित समाज के लिए प्रयास किया जाना, राष्ट्र के प्रति परिवार एवं समाज के लोगों को जागरूक करने के साथ संविधान के दायरे में जीवन यापन कर आकाल, बाढ़ एवं आपदाओं के समय अर्थ एवं समयदान भी करना चाहिएजीवन जीने का मतलब मात्र सांसो का चलना व दिल का धड़कना नहीं होता वरन जीवन जीने का अर्थ उसको एक समझ के साथ, एक उद्देश्य के साथ जीना होता है,  इसी के साथ आभार सचिव श्री चतुर्वेदी जी ने समय एवं अर्थ के सहयोग देने के लिए व्यक्त किया,

कार्यक्रम राष्ट्र गीत के बाद समापन किया गया

अंत में पेंशनर् समाज के सदस्य श्री रामकृष्ण साहू जी के निधन पर दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित कर सभा समाप्त किया गया।