नवापारा/राजिम – सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा में बच्चो में शारीरीक ,मानसिक क्षमता का विकास के लिए बौद्धिक चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे अतिथि के रूप में श्री रामजी राजवाड़े सक्षम के प्रांत संगठन मंत्री संघ प्रचारक केंद्र नवापारा। पोखराज साहू सहनगर कार्यवाह नवापारा उपस्थित रहें। इस अवसर पर श्री रामजी राजवाड़े में अपने उद्बोधन में कहा की _हम घर _परिवार में रिश्तों की श्रृंखला से बंधे हैं। इस देश में संत _महर्षि महापुरुष हुए सभी अपने अपने देश समाज एवम संस्कृति के लिए जिएं और महान कार्य किए। वे इसी कारण आज भी अमर हैं। हमे भी अपनी मातृभूमि के लिए त्याग _तपस्या और समर्पण के पथ पर चलना हैं। मनुष्य होकर मनुष्यता के गुण होना ज़रुरी हैं। हम सभी कर्मशील बने और अपने सपनों को साकार करने के लिए खूब मेहनत करे। अपने हर कार्य को ज़िम्मेदारी पूर्वक कर मंजिल तक पहुंचे। संघर्ष के बिना किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नही कर सकते ।इसलिए किसी भी कठिनाई से घबराएं नहीं सामना करें ।तभी इस मनुष्य जन्म को सफल कर पाएंगे।
रोहित साहू सहकार्यवाह ने कहा की _अपनी विशेषता के अनुसार आगे बढ़ना ही विकास हैं। विकास का अर्थ हैं_ अपनी क्षमता का प्रयोग करना ।अपनी योग्यता को बढ़ाना, बुद्धि के लिए अध्ययन करना। चंचल मन को एकाग्र करना ज़रुरी हैं ,नहीं तो अनावश्यक भटकाव होते हैं।सिर्फ सोचने से ही कोई भी कार्य पूर्ण नहीं होते उसके लिए प्रयास जरूरी हैं। समय के अनुसार चलें और अपने जीवन को संयमित मर्यादित बनाइए ।किसी की नकल मत किजिए और अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए एक नई शुरुवात किजिए ।व्यर्थ की बातों से दूर रहकर सिर्फ मानवता के कल्याण के लिए कार्य किजिए यही जीवन हैं।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक नरेश यादव एवम आभार विद्यालय के प्राचार्य गौरीशंकर निर्मलकर ने किया। इस अवसर पर समस्त विद्यार्थी एवम आचार्य गण उपस्थित रहें।
