अब पीड़ित पक्षकारों का मामला कलेक्टर कराएंगे निराकरण।
प्रमोद दुबे
महासमुंद – स्थानीय तहसील कार्यालय में नेता और कर्मचारी एक दूसरे खिलाफ मोर्चा खोलकर धरने पर बैठ गए। मामला बिगड़ता देख कलेक्टर ने पहल की अब पीड़ित पक्षकारों का मामला कलेक्टर अपनी देखरेख में निराकरण कराएंगे। दरअसल, नेता और कर्मचारी एक दूसरे के खिलाफ धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारी और नेता को आखिरकार कलेक्टर ने बीच-बचाव करते हुए मामला शांत किया।

बता दें, पूर्व विधायक एवं बीजेपी प्रवक्ता डॉ. विमल चोपड़ा बुधवार महासमुंद तहसील परिसर में अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की. डॉ. चोपड़ा ने आरोप लगाया कि पिछले 7-8 माह से छोटी छोटी समस्याओं को लेकर किसान, कामगार,गरीब और कई लोग तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर के पास आ रहे हैं, पर कोई काम नहीं हो रहा है तहसील में बिना पैसा दिए कोई कार्य नहीं होता है। जनता प्रताड़ित है, इसीलिए यहां धरने पर बैठे है। एक सप्ताह में कार्य नहीं होता है तो हम लोग राजस्व मंत्री, सीएम के पास जाएंगे।
दूसरी तरफ
तहसील कार्यालय के कर्मचारी भी डॉ विमल चोपड़ा पर न्यायालीन कार्य नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। तहसील कर्मचारियों का कहना था कि हम लोग पिछले दो-तीन महीनों से परेशान है। डॉ. विमल चोपड़ा न्यायालीन एवं कार्यालयीन कार्यों में दखलअंदाजी करके दबाव डालते हैं, इसीलिए हम लोग अनिश्चितकालीन कलमबंद हडताल कर धरने पर बैठे हैं। धरने से बनी स्थिति को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दोनों पक्षों से बातचीत की। पीड़ित संघ के रोहित मारकडे ने बताया कि कलेक्ट्रेट में डॉक्टर विमल चोपड़ा के नेतृत्व में कलेक्टर से चर्चा हुई। बातों को गंभीरता पूर्वक सुनने के बाद कलेक्टर ने कहा कि सभी पीड़ित पक्षकारों की समस्याओं का अपनी देख-देख में निराकरण कराएंगे।
