दीपोत्सव पर्व मे मां लक्ष्मी व श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद। इस साल  अमावस्या तिथि दो दिन होने से इस दीपावली पर शहर सहित अंचल में दो दिन उत्साह का माहौल रहा। शहर के पंडितों ने 1 नवंबर को लक्ष्मीपूजन की तिथि सार्वजनिक रूप से घोषित की थी। बाद कुछ लोगों ने 31 तो कुछ ने 1 को दीपोत्सव मनाया। लोगों ने जमकर खरीददारी की और मां लक्ष्मी व श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। बता दें कि धनतेरस से शुरू हुआ दीपावली का पर्व आज भाई दूज के साथ समाप्त हो जाएगा। इस बीच धनतेरस को लोगों ने शुभ मुहूर्त में वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, मोबाइल, कपड़े व अन्य आवश्यक सामग्रियों की जमकर खरीदी की।

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पटाखा सहित मिठाई दुकानों में भी खरीददारों की भीड़ देखी गई।साल छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो जिले में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। इस बार लोगों ने ग्रीन पटाखों को सर्वाधिक महत्व दिया। दीपावली की पूजा अर्चना के बाद लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर प्रसाद का अदान-प्रदान किया। इधर, दिवाली की रात शहर के विभिन्न मोहल्लों में गौरा गौरी के विग्रह की पंरपरा अनुसार पूजा की। रात भर महिलाओं ने रातभर गौरा- गौरी चौरा पर पारंपरिक गीत गाकर उनका विवाह संपन्न कराया और शनिवार सुबह धूमधाम से निशान की थाप तथा मोहरी शहनाई की धुन पर नाचते गाते विसर्जन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शॉट पानी कुशा से निर्मित चाबुक से हाथों की नसों पर वार सहा। इसी तरह आसपास के गांवों में भी पर्व को लेकर उत्साह रहा। मचेवा बस्तीपारा में विराजित गौरी-गौरा की प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन यात्रा निकाली गई। इसी तरह बेमचा, खैरा, खरोरा, परसकोल, बरोंडाबाजार, लभरा, परसवानी, परसदा आदि में भी विसर्जन यात्रा निकालकर तालाबों में विसर्जित की गई।