पखांजूर रिपोर्टर-मोहन मंडल
पखांजूर :– आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जिले के अंदुरूनी क्षेत्रों में संचालित आश्रम छात्रावासो में सुविधाओं की आभाव से बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कही भवन की कमी, कही बाउंड्री वॉल की कमी, कही रसोई भवन की कमी, इन क्षेत्रों में पालतू जानवर तो आम बात है, साथ ही जंगली जानवरों का भय हमेशा बना रहता है। छात्रावास अधीक्षकों का कहना है, बाउंड्रीवल नहीं होने से बागवानी को पालतू जानवर चार जाते है। रात को जंगली जानवरों का भय बना रहता है।

जिले की कोयलीबेड़ा ब्लॉक के अति संवेदनशील क्षेत्र मझपल्ली, बारदा, प्रतापपुर तथा दुर्गकोंडल ब्लॉक के मांगुर बालक छात्रावास जो जिले के सबसे प्राचीन छात्रावासों में से है। वर्तमान में ये तमाम छात्रावास अपने मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है।

मामले को लेकर कई बार इन लोगों के द्वारा उच्च अधिकारियों को अवगत किया गया,पर मामला आज तक जस का तस बना हुआ है। इन अंदुरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आदिम जाति कल्याण विभाग अपने सेवा प्रदान करने में विफल साबित हो रहे है।
