श्रवण साहू
कुरूद – कलीराम चंद्राकर पब्लिक स्कूल कुरूद में रोशनी के महापर्व दीपावली पर्व की रौनकता को महकाने के लिए दो दिवसीय प्री दिवाली सेलिब्रेशन का आयोजन हुआ।

पहले दिन फेस्ट स्प्रीट्स ऑन दीवाली के रूप में प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में प्राचार्य के मंजीता ठाकुर ने ज्ञानदायनी मां सरस्वती की पूजा वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत की । फैंसी ड्रेस में नन्हे-मुन्हें बच्चों ने छत्तीसगढ महतारी,श्री कृष्ण ,श्रीराम ,सीता मां ,राधा ,मीराबाई ,श्रवण कुमार,रावण ,बजरंग बली,महालक्ष्मी ,सरस्वती मां ,फौजी ,डॉक्टर सहित विभिन्न पारंपरिक परिधानों से सबका मन मोह लिया।वहीं विभिन्न पारंपरिक गीतों पर बच्चों द्वारा मनभावन नृत्य की प्रस्तुति हुई। क्रमानुसार रंगोली, ड्राइंग , मूर्तिकला,सिंगिंग और क्विज प्रतियोगिता में भी बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया।

अतिथि के रूप में विद्यालय के उपप्रबंधक योगेश चंद्राकर और प्राचार्य के मंजीता ठाकुर रहे। उन्होने इस शानदार आयोजन के लिए सांस्कृतिक प्रभारी रेखा सिन्हा और उनकी टीम के शानदार वर्क की तारीफ की।मंच संचालन करण सिन्हा और श्वेता मैम और आभार प्रदर्शन मुकेश कश्यप ने किया। दूसरे दिन ज्ञानदायनी मां सरस्वती और रामराज के रूप में विराजे नन्हे-मुन्हें बच्चों का तिलक और पूजा वंदन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्री प्राइमरी के नन्हे-मुन्हें बच्चों ने फैंसी ड्रेस में विभिन्न धार्मिक विषयों से जुड़े पात्रों की मनभावन प्रस्तुति से दिल जीता।

विशेष आकर्षण श्रीराम चंद्र जी ,लक्ष्मण , सीता और हनुमान जी की झलक रही। प्राचार्य के मंजीता ठाकुर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का संवाहक रहा है। जहां हम मिलजुलकर एक दूसरे से जुड़कर पर्व की खुशियां मनाते है। एक साथ आप सभी इसे मनाकर पर्व की खुशियां बांटे। इसके उपरांत प्री प्रायमरी के बच्चों ने दीवाली पर्व से जुड़े गीत और संदेश की शानदार प्रस्तुति दी।कक्षा पांचवी से आठवीं के बच्चों ने संयुक्त रूप से रामलीला पाठ के तहत रावण वध और श्रीराम जी के अयोध्या आगमन से जुड़े नाटक और मनभावन नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं पारंपरिक सुआ ,गौरी-गौरा और राउत नाचा की बेहतरीन प्रस्तुति देकर दीवाली पर्व की रौनकता की छवि ला दी। सभी ने इस शानदार प्रस्तुति का ताली बजाकर स्वागत किया। वरिष्ठ शिक्षक के एन यादव ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और पर्व से जुड़े महत्व का वर्णन किया। मंच संचालन करण सिन्हा और भारतभूषण सिन्हा ने किया। इस दौरान समस्त शिक्षक- शिक्षिकाए उपस्थित थे।
