प्रिया देवांगन हुईं समता साहित्य भूषण सम्मान से अलंकृत।

राजिम – आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य एवं साप्ताहिक छत्तीसगढ़ साथी के संयुक्त तत्वाधान में प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन सम्मेलन का आयोजन रविवार को गोंडवाना भवन धमतरी में आयोजित किया गया। जिसमें राजिम अंचल की युवा साहित्यकार सुश्री प्रिया देवांगन “प्रियू” को उनके बाल साहित्य, लघुकथा, कहानी लेखन एवं काव्य रचनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर समता साहित्य भूषण की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। उनकी रचनाएं भारत के विभिन्न राज्यों सहित अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि यह संस्था विगत 40 वर्षों से अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाओं का सम्मान करती आ रही है। विदित हो कि प्रिया देवांगन प्रियू को इसी वर्ष राजस्थान में श्रीनाथद्वारा साहित्य मंडल की ओर से बाल साहित्य भूषण के सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। भारतीय दलित साहित्य अकादमी के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार श्रवण, विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षक कला प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ के संस्थापक संजय कुमार मैथिल, श्रीमती मीना भारद्वाज (अध्यक्ष शि क प्र अकादमी) एवं श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य के प्रांत अध्यक्ष जी आर बंजारे ज्वाला ने की। यहांँ बताना लाजमी है कि सुश्री प्रिया देवांगन छत्तीसगढ़ के जाने माने साहित्यकार स्व. श्री महेंद्र देवांगन “माटी” की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकारों अरुण कुमार निगम, ईश्वर साहू “आरुग”, जितेंद्र वर्मा खैरझिटिया, शोभा मोहन श्रीवास्तव, बलराम चंद्राकर, रामेश्वर शर्मा, बोधन राम निषाद,अशोक पटेल आशु, टीकेश्वर सिन्हा गब्दीवाला, तुषार शर्मा नादान सहित राजिम अंचल के सभी साहित्यकारों ने शुभकामनाएं दी एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।