शिकसा करेगा “मैं शिक्षक हूँ” साहित्य संकलन का प्रकाशन।

सदस्यों का परिचय व रचना प्रकाशित किया जायेगा: संयोजक आस ।

दुर्ग –  शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ “शिकसा” के पांच वर्ष पूर्ण होने पर शिकसा के सदस्य साहित्यकारों का साहित्य को एक मंच देने के लिये शिकसा साहित्य संकलन मैं शिक्षक हूँ का प्रकाशन अतिशीघ्र करने जा रहा है जिसमें सदस्यों से सहयोग अविलंब अपेक्षित है।  संयोजक डॉ.शिवनारायण देवांगन “आस” ने बताया कि इसमें प्रत्येक शिक्षक को एक पृष्ठ दिया जायेगा जिसमें संक्षिप्त परिचय फोटो सहित स्वरचित रचना प्रकाशित किया जायेगा इसके लिये सहभागिता राशि 500₹ रखा गया है। प्रकाशन उपरान्त पत्रिका की प्रति ससम्मान शिकसा साहित्य रत्न 2024 प्रदान किया जायेगा। संस्थापक   व संयोजक डॉ.शिवनारायण देवांगन “आस” ने कहा कि जो सदस्य नही है वो सदस्यता ग्रहण कर शामिल हो सकते है। वहीं इस संकलन प्रकाशन के लिए संपादक मंडल बनाया जा रहा है जो संपादक मंडल में शामिल होना चाहते है वो 1100₹ जमा कर शामिल हो सकते है। शामिल होने पर आपका संक्षिप्त परिचय फोटो सहित कलर पेज में प्रकाशित किया जायेगा। अपना परिचय व स्वरचित रचना व सहभागिता शुल्क के साथ शीघ्र जमा कर शामिल हो सकते है। सहभागिता राशि नगद फोन पे 9981763747 या एकाउंट में शीघ्र जमा कर सहयोग प्रदान कीजिए ।

इस साहित्य संकलन के लिये संस्थापक व संयोजक डाॅ. शिवनारायण देवांगन “आस” के निवास पर या मो.नं.पर संपर्क कर सकते है।