आइये जाने रावण कैसा ..

आइये जाने रावण कैसा और कौन है
सदियों से जवाब सीधा और मौन है

दशमुख और दस जिनके विचार है
देवत्व पर आसूरी शक्ति की मार है

जिस पर स्वयं ही अहंकार भारी है
जिसका गुण अवगुण पर भारी है

लोभी,कामी व कर्म से जो शिकारी है
दिखने मे राजा,मन से जो भिखारी है

अहम के लिय सब कुछ कुर्बान करे
निज चरित्र से जगत को शर्मिंदा करे

राम बन,राम सा चरित्र अपनाना होगा
संयम रख,अवगुण को दफनाना होगा

तभी इस जीवन मे राम राज्य आयेगा
खुशियों का नया सवेरा तब आयेगा

जीवन फिर खुशियों से खुशहाल बनेगा
भारत फिर पहले जैसा ही महान बनेगा

अधर्म पर धर्म की जीत के अवसर पर
बुराई को त्यागे,दशहरा के अवसर पर

अपने अंदर के रावण को पहले मारे
जीत के अवसर मिलेंगे कितने  सारे

रचनाकार
प्रमेशदीप मानिकपुरी
आमाचानी धमतरी छ.ग.
9907126431