बालोद / हाशिम कुरैशी
दल्ली राजहरा – राजहरा खदान समूह के माइंस में काम करने वाले ठेका श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए कुछ श्रमिक संगठनों के द्वारा लगातार मांग की जा रही थी l श्रमिक संगठनों का कहना था कि ठेका श्रमिक भी नियमित कर्मचारियों की तरह उत्पादन बढ़ाने में कंधे से कंधे मिलाकर कार्य कर रहे हैं l तो उन्हें भी चिकित्सा सुविधा प्रबंधन की ओर से देनी चाहिए l प्रबंधक के समक्ष चिकित्सा सुविधा की मांग को लेकर आखिरकार श्रमिक संगठनों ने आंदोलन भी किया l तत्पश्चात श्रमिक संगठन और प्रबंधन के बीच संयुक्त वार्ता रखी गई l जिसमें दल्ली राजहरा के कुछ चिन्हित अस्पतालों में ठेका श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा शर्तों के अनुसार देने की बात हुई थी l इसमें शर्त यह था कि ओपीडी सुविधा की राशि बीएससी प्रबंधन की ओर से अस्पतालों को भुगतान की जाएगी तथा भर्ती होने की स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई आयुष्मान कार्ड से राशि का भुगतान होगा l राजहरा खदान समूह के अंतर्गत कई ऐसे विभाग है जहां अभी तक ठेका श्रमिकों को मेडिकल सुविधा नहीं दिया गया है l मेडिकल सुविधा देने के लिए शहीद अस्पताल और ज्योति अस्पताल को चिन्हित किया गया था l अस्पतालों ने भी मरीज का इलाज करना चालू कर दिया था लेकिन अभी तक प्रबंधन की ओर से भुगतान करने में बरती जा रही लापरवाही से नाराज होकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से 17 अक्टूबर 2024 से मेडिकल सुविधाएं बंद करने की नोटिस जारी कर दी है l बीएसपी प्रबंधन की इस तरह की ठेका श्रमिको की सुविधा के साथ अनदेखी प्रबंधन द्वारा श्रमिको का शोषण किया जाना सदैव अनुचित हैं बीएसपी प्रबंधन द्वारा माइंस क्षेत्र में कार्यरत ठेका श्रमिको के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता हैं । दल्ली राजहरा में स्थित एक मात्र बीएसपी अस्पताल भी रिफर सेंटर बन कर रहा गया हैं ऐसे में किसी घटना दुर्घटना में आपात कालीन चिकित्सा की अभाव में अपने जीवन से हाथ धोना पड़ सकता हैं । भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने पूर्व में भी माइंस क्षेत्र में कार्यरत श्रमिको के शोषण के शिकायत राज्य श्रममंत्री श्री लखन लाल देवांगन से को गई थी । स्थानीय श्रम अधिकारी कानों में रूई डाल कर बैठे हुए हैं चिकित्सा सुविधाएं बंद होने की शिकायत जल्द ही स्थानीय कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग श्रम विभाग एवं इस्पात मंत्री से किया जाएगा।
