रामचंद्र चौमासा राजिम में रुककर आसुरी शक्तियों का किया नाश।
रिपोर्टर संतोष सोनकर राजिम:- धर्म नगरी राजिम का संबंध त्रेतायुग में भगवान रामचंद्र से जुड़ा हुआ है। वनवास काल के दौरान नदी मार्ग से होते हुए सीधे महर्षि लोमश से मिलने प्रयाग भूमि राजिम पहुंचे। उस समय देवी सीता, छोटे भाई लक्ष्मण के साथ प्रभु श्रीरामचंद्र स्वयं आकर महर्षि लोमश का दर्शन किया पश्चात चौमासा…
