गौ एवं अन्य प्राकृतिक अतिथियों के स्वागत के साथ हुई कांडसर गौ शाला में मनाई जाने वाली 18 वर्ष पुरानी होली
देवभोग :- रस्म की शुरूवात, तीन दिनों तक यज्ञ की धुनि जलेगी, फिर उससे निकले राख से खेली जाती है होली।इस बार गौ माता के साथ आम वृक्ष, गौरैया, चींटी आयोजन के अतिथि। किसी प्रदेश की यह इकलौती होली जन्हा गौ वंश व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने खेली जाती है होली। अलेख ब्रम्ह…
