वर्षो से विराजित है इमली के पेड़ में माँ चिरकुटहिन फटा कपड़ा अथवा साड़ी का पल्लू फाड़कर बांधने की है परम्परा
वर्षो से विराजित है इमली के पेड़ में माँ चिरकुटहिन फटा कपड़ा अथवा साड़ी का पल्लू फाड़कर बांधने की है परम्परा जामगांव:- ग्राम जामगांव से 2 किलोमीटर दूर कनेकेरा गाँव के पास आज भी चिरकुटहीन दाई माता के रूप में साक्षात विराजमान हैं,फिंगेश्वर महासमुंद मुख्य मार्ग पर स्थित इमली के झाड़ पर माता आज भी…
