ईश्वर अपने चहेते के पापों का नष्ट करने के लिए ही उन्हें देते है कष्ट ,गुरू को नहीं, गुरू की मानो- स्वामी विजयानंद गिरी
भिलाई नगर, श्री राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण, नेहरू नगर में 11 जनवरी तक शाम 4 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलने वाले दुर्लभ सत्संग के पांचवे दिन ऋषिकेश, उत्तराखंड से पधारे प्रवचनकर्ता श्रद्वेय स्वामी श्री विजयानन्द गिरी जी ने कहा कि मानव हर प्रतिकूल परिस्थितियों की जगह अनुकूल परिस्थतियों की कामना करता है, किन्तु परिस्थितियों…
