*भक्ति और अहंकार एक साथ नहीं रह सकते:- जयशंकर*
*भक्ति और अहंकार एक साथ नहीं रह सकते:- जयशंकर* *अत्याचार और अहंकार की एक सीमा है* *ईश्वर के न्याय चक्र से कोई बच नहीं सकता* राजिम। समीपस्थ ग्राम कुम्ही में चल रहे भागवत कथा के दौरान आचार्य जयशंकर ने कहा कि जिस तरह एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती, उसी तरह भक्ति और…
