फिंगेश्वर :–कुपोषण एवं एनीमिया के स्तर में व्यापक कमी लाने तथा सुपोषित भारत की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से 2024 तक पूरे भारतवर्ष में पोषण अभियान का आयोजन किया गया है.इसी तारतम्य में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजली में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के बारे में जानकारी देते हुए प्राचार्य पूरन लाल साहू ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण मिशन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण और जन्म के समय बच्चों का वजन कम होने जैसे समस्याओं को प्रत्येक वर्ष 2% कम करना है.कुपोषण में पौष्टिक भोजन की कमी होने से शरीर कमजोर हो जाता है उसका पूरा विकास नहीं हो पाता है.किसी भी व्यक्ति के शरीर के विकास के लिए प्रोटीन,वसा, विटामिन, खनिज लवण और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. जब किसी के आहार में इन तत्वों की कमी होती है तो शरीर का विकास नहीं हो पाता और कई बीमारियों की वजह से उसकी आयु कम रह जाती है. कुपोषण की वजह से शरीर का संपूर्ण विकास नहीं हो पाता है. ज्यादातर कुपोषित बच्चों का कद कम हो जाती है और कई लोग कई तरह की बीमारियों शिकार बन जाते हैं. शिशुओं की मृत्यु का एक बड़ा कारण कुपोषण होता है. आगे उन्होंने एनीमिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी या खून में हीमोग्लोबिन की कमी को एनीमिया कहते है.आयरन की कमी एनीमिया का मुख्य कारण है.एनीमिया (खून की कमी) होने से सांस फूलना, कमजोरी और थकावट,चक्कर आना, एकाग्रता की कमी एवं बार-बार बीमार पड़ना एनीमिया के लक्षण है.अतः इनसे बचने के लिए संतुलित आहार लेना चाहिए. क्योंकि संतुलित आहार की उपलब्धता से शारीरिक व मानसिक विकास सही ढंग से पूर्ण होता है.इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरनलाल साहू, व्याख्याता दिनेश कुमार साहू, विनय कुमार साहू, नरेंद्र कुमार वर्मा, रेखा सोनी, गीतांजलि नेताम,संतोषी गिलहरे, सत्या मिश्रा,रुद्र प्रताप साहू क्लर्क दुष्यंत कुमार साहू, भृत्य आकाश सूर्यवंशी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
