राज्य की बुनियादी शिक्षा को कमजोर करने की साजिश कर निजी स्कूलों को महत्व दे रही है भाजपा सरकारः आलोक

युक्ति युक्तिकरण के आड़ में शासकीय स्कूलों को बंद करने की साजिश, सरकार की मंशा निजी स्कूलों को बढ़ावा देकर शासकीय स्कूलों को बंद करने की है।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद। छग प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव आलोक चंद्राकार ने कहा कि इन दिनों राज्य सरकार अजीबो गरीब निर्णय लेकर शिक्षा के स्तर को संकट में डाल रही है। युक्ति युक्तिकरण के आड़ में हजारों शासकीय स्कूलों को बंद करने का खेल खेला जा रहा है और शिक्षको को जबरन अतिशेष बनाकर भटकने के लिए मजबूर किया जा रहा है।श्री चंद्राकार ने कहा की एक प्राथमिक शाला जिसमे एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित होती है उस शाला के लिए महज दो शिक्षको का सेटअप तैयार करना आखिर सरकार की किस सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि क्या एक प्रधान पाठक और एक शिक्षक एक प्राथमिक शाला का संचालन कर सकते है ऐसे तुगलकी फरमान से एक बात तो साफ दिखाई दे रही है की राज्य की बीजेपी सरकार को गरीबों के बच्चो से कोई सरोकार नहीं है। इस सरकार की सोच बच्चों को गुणवक्ता युक्त शिक्षा देने की नही है बल्कि ये स्कूल की जगह सिर्फ दाल भात सेंटर चलाना चाहते है। श्री चंद्राकर ने कहा एक तरफ कांग्रेस की भूपेश सरकार ने शिक्षको की भर्ती और अनेकों स्कूल अपने कार्यकाल में खोले वही दूसरी तरफ बीजेपी की मोदी की गारंटी वाली डबल इंजन की सरकार आज शासकीय स्कूलों को युक्ति युक्तिकरण के नाम पर बंद कर हजारों शिक्षकों को अतिरिक्त शिक्षक बनाकर कर भटकने के लिए मजबूर कर रही है। ये सरकार आखिर कैसी शिक्षा देना चाहती है ये चिंतन का विषय है। शिक्षक भर्ती करने के बजाए शिक्षकों को अतिशेष बताकर स्कूलों के सेटअप के साथ जबरदस्त बदलाव कर हजारों शिक्षको को अतरिक्त दिखाकर आ राज्य सरकार प्रदेश के हजा शिक्षकों को मानसिक रूप से परेश कर के रखी है। श्री चंद्राकार ने क की आज जब शिक्षको को बच्चो पढ़ाई में लगे रहना था परंतु राज सरकार प्रदेश के शिक्षको क मानसिक रूप से युक्ति युक्तिकरण नाम पर परेशान कर बच्चो की पढ़ को बाधित कर रही है। बीजे सरकार की शिक्षा पर उनकी सो साफ दिखाई दे रही है की इनको ग के गरीब के बच्चो की शिक्षा से की सरोकार नहीं ये नहीं चाहते की गर का बच्चा पढ़ लिखकर आगे बढ़े लिए भाजपा सरकार शिक्षा बुनियाद को ही कमजोर कर चाहती है। बच्चा जब बुनियादी स पर ही कमजोर हो जाएगा तो वै आगे की शिक्षा पूरी कर पाएगा। लिए स्कूलों में शिक्षक देने के बजा शिक्षक अतिशेष कर बुनियादी शिन की कमर तोड़ने का प्रयास कर रही । बीजेपी सरकार के इस कृत्य छत्तीसगढ़ की जनता माफ न करेंगी।